शिव मंदिर में तोड़फोड़, शिवलिंग की जलहरी क्षतिग्रस्त; पीतल का बजनी घंटा चोरी

सिंगरौली/देवसर जियावन थाना क्षेत्र के ग्राम जियावन डाड़ में छत पर बने शिव मंदिर में तोड़फोड़ और चोरी की घटना सामने आने से स्थानीय श्रद्धालुओं में नाराजगी है। अज्ञात व्यक्ति द्वारा मंदिर में स्थापित शिवलिंग की जलहरी को क्षतिग्रस्त करने के साथ वहां लगा पीतल का बजनी घंटा चोरी किए जाने की शिकायत पुलिस से की गई है। धार्मिक आस्था से जुड़े स्थल पर हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान और चोरी गए घंटे की बरामदगी की मांग की है।

सुबह पूजा करने पहुंचे तो क्षतिग्रस्त मिली जलहरी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम जियावन डाड़ निवासी संतोष साहू पिता रामनिहोर साहू ने थाना जियावन में दिए लिखित आवेदन में बताया कि 5 नवंबर 2026 की रात मंदिर का गेट बंद कर वे अपने घर में सोने चले गए थे। अगले दिन 6 नवंबर की सुबह जब वे नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग की जलहरी क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली। वहीं मंदिर में लगा पीतल का बजनी घंटा भी गायब था। घटना की स्थिति देखकर मंदिर में तोड़फोड़ और चोरी किए जाने की आशंका सामने आई।

खोजबीन के बाद पुलिस से की शिकायत

घटना की जानकारी मिलने के बाद आवेदक ने अपने स्तर पर आसपास खोजबीन की, लेकिन जलहरी को नुकसान पहुंचाने और घंटा चोरी करने वाले व्यक्ति के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद 6 नवंबर को थाना जियावन पहुंचकर लिखित शिकायत दी और पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

मीडिया कवरेज के दौरान ग्रामीणों ने उठाया चोरी का मुद्दा

मंदिर में तोड़फोड़ और घंटा चोरी की घटना के मीडिया कवरेज के दौरान मौजूद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में चोरी की समस्या पर भी विशेष चिंता जताई। इस दौरान शिव शंकर साहू पिता बनारसी साहू, महेंद्र साहू पिता रामकृपाल साहू, राजू साहू पिता रामसुरेश साहू, विनोद साहू पिता राममिलन साहू एवं मोहम्मद शरीफ पिता गुलामुद्दीन ने क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की।

आस्था और सुरक्षा से जुड़ा मामला, पुलिस कार्रवाई का इंतजार

ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के साथ आम लोगों की संपत्ति की सुरक्षा भी पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। शिव मंदिर में हुई तोड़फोड़ और चोरी की घटना का निष्पक्ष खुलासा कर चोरी गए घंटे की बरामदगी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अब निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि मामले में वास्तविकता सामने लाकर जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान और आवश्यक कार्रवाई कब तक की जाती है।

You May Like