पश्चिमी विक्षोभ के कारण 10 नवंबर से कश्मीर में बारिश और बर्फबारी: मौसम विभाग

नयी दिल्ली, 08 नवंबर (वार्ता) पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में दस नवंबर से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है जिससे जम्मू -कश्मीर में व्यापक वर्षा होगी और 12 नवंबर को कश्मीर घाटी में भारी बारिश या बर्फबारी की संभावना है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को बताया कि 10 नवंबर को जम्मू -कश्मीर और लद्दाख में छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान है जिसके बाद 11 से 13 नवंबर के बीच काफी व्यापक से लेकर व्यापक वर्षा होगी।

विभाग ने कहा, “12 नवंबर को कश्मीर घाटी में छिटपुट भारी बारिश/बर्फबारी की संभावना है।”

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 10 से 13 नवंबर के बीच छिटपुट स्थानों पर बिजली गिरने के साथ गरज और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनमें 60 किमी प्रति घंटे तक के झोंके भी आ सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश में 10 से 13 नवंबर के बीच छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा होने की संभावना है। 12 और 13 नवंबर को छिटपुट स्थानों पर 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज और 50 किमी प्रति घंटे तक के झोंके आने का पूर्वानुमान है। उत्तराखंड में 8 से 11 नवंबर और फिर 13 नवंबर को छिटपुट वर्षा हो सकती है।

पूर्वानुमान में सप्ताह के अंत में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी छिटपुट वर्षा की संभावना जताई गई है। हालांकि, मौसम विभाग की विस्तृत वर्षा तालिका में सात दिनों की पूर्वानुमान अवधि के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में शुष्क मौसम का अनुमान व्यक्त किया गया है और पंजाब में 12 से 14 नवंबर तक छिटपुट वर्षा का संकेत दिया गया है।

विभाग ने 14 नवंबर तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ या दिल्ली के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की है।

मौसम विज्ञान विश्लेषण के अनुसार, पंजाब और उससे सटे हिमाचल प्रदेश के ऊपर स्थित एक चक्रवाती परिसंचरण अब उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों की ओर स्थानांतरित हो गया है, जो समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर तक फैला हुआ है।

इस बीच, मौसम विभाग ने 8 से 10 नवंबर के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में तथा 8 नवंबर को केरल में छिटपुट वर्षा का पूर्वानुमान लगाया है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश होने की भी संभावना है, जिसमें 50 किमी प्रति घंटे तक के झोंके आ सकते हैं।

पूर्वोत्तर भारत में, असम और मेघालय में 11 नवंबर को और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 और 11 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक वाले तूफान आने की संभावना है, जिनमें से कुछ हवा के झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

पूर्वोत्तर भारत में, 11 नवंबर को असम और मेघालय में तथा 10 और 11 नवंबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 9 से 13 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और खड़ी फसलों तथा कमजोर ढांचों को नुकसान हो सकता है।

विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति सड़क और रेल परिवहन को बाधित कर सकती है और दृश्यता को कम कर सकती है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने, गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने और बिजली गिरने से बचाव के उपाय करने की सलाह दी है।

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