विदिशा। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी नरक चतुर्दशी पर मुक्तिधाम सेवा समिति की पहल पर ‘एक दिया अपने पुरखों के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। दिवंगत परिजनों की याद में बड़ी संख्या में लोग मुक्तिधाम पहुंचे। समिति के सचिव मनोज पांडे ने बताया कि 1100 दीपक और मोमबत्तियों की रोशनी से पूरा मुक्तिधाम परिसर जगमगा उठा।
कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में आकर्षक रंगोली सजाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने योगदान दिया। पितृलोक गए पुरखों की स्मृति में सबसे पहले मिष्ठान का भोग लगाया गया। इसके बाद मुक्तिधाम में उसी तरह का स्मृति भाव बनाने का प्रयास किया गया, जैसा लोग अपने दिवंगत परिजनों की मौजूदगी में घर-आंगन को दीपों और रंगोली से सजाकर दीपावली मनाते थे।
इस दौरान लोगों ने अनार, फुलझड़ी और अन्य पटाखे चलाकर अपने दिवंगत परिजनों को याद किया। आयोजन का उद्देश्य पुरखों की स्मृतियों को संजोने के साथ उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करना रहा।
कार्यक्रम में ज्योति शाह, सुमन सोनी, गोविंद देवलिया, सुनील जैन, नीरज जैन, अनिल शाह, पल्लू, मनोज पांडे, वैष्णवी राजपूत, सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष रामराज दांगी, डॉ. नीरज, शक्ति निगम, अदम्य निगम, जैसी भूरा कुशवाह, जयश्री सभरवाल, मनमोहन शर्मा, अरुण अवस्थी, संजीव शर्मा, राहुल सोनी, सचिन सभरवाल, मुकेश कुशवाहा, संतोष गुप्ता, रघुवीर राठौर, मुन्नालाल तिवारी, मनीष किरार, संजय प्रधान, सौम्या प्रधान, दीक्षा प्रधान, मुकेश मालवीय, आशा राठौर, राकेश वैद्य, महेंद्र प्रजापति, सुनील अहिरवार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
