नयी दिल्ली, 05 नवंबर (वार्ता) अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर पिछले एक महीने से दिल्ली में व्यापारिक गतिविधियों में बार-बार आ रही बाधा के लिए “राजनीतिक रूप से” जवाबदेह ठहराया है। चांदनी चौक सीट से भाजपा सांसद और कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा है कि दिवाली के बाद संगठन राष्ट्रीय बैठक कर इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करेगा।
संगठन ने राजनीतिक रैलियों, धरनों और प्रदर्शनों के कारण बार-बार बाधित हो रही व्यापारिक गतिविधियों के लिए मुख्य विपक्षी दल पर जिम्मेदारी थोपते हुए कांग्रेस द्वारा आयोजित रैली और पिछले एक महीने से विभिन्न संगठनों के प्रदर्शनों को कांग्रेस पार्टी एवं अन्य राजनीतिक दलों द्वारा दिए जा रहे समर्थन पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। पत्र में कहा गया है कि आज यदि दिल्ली में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, तो कल देश के किसी भी अन्य शहर में भी ऐसा हो सकता है। इसलिए यह एक गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है और “देश का व्यापारी इतना कमजोर नहीं है कि वह इस प्रकार की स्थिति को अब बर्दाश्त करेगा। अब सबक सिखाने का समय आ गया है।”कैट ने इस मुद्दे पर देश भर में “धिक्कार दिवस” मनाने की घोषणा की है जिसकी तारीख राष्ट्रीय बैठक में तय की जाएगी।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया ने कहा, “राहुल गांधी एक साथ दो विरोधाभासी बातें नहीं कर सकते। एक ओर वह लोगों से स्थानीय बाजारों से खरीददारी करने की अपील करते हैं और दूसरी ओर ऐसे राजनीतिक कार्यक्रमों एवं प्रदर्शनों का समर्थन करते हैं, जिनके कारण ग्राहक उन्हीं बाजारों तक नहीं पहुंच पाते। यह केवल राजनीतिक विरोधाभास नहीं, बल्कि ऐसा दोहरा रवैया है जिससे सीधे तौर पर आम व्यापारियों की आजीविका प्रभावित होती है।” उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी मानते हैं कि प्रदर्शन करने का अधिकार, व्यापार करने और आजीविका कमाने के अधिकार से बड़ा है। राजनीतिक दलों को यह समझना होगा कि दिल्ली केवल राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का मंच नहीं है, बल्कि देश का एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यापारिक एवं आर्थिक केंद्र भी है।कैट ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी को भी दूसरे नागरिक के व्यापार, रोजगार और आजीविका को बाधित करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।

