डकार (सेनेगल), सेनेगल की राजधानी डकार में आयोजित यूथ ओलंपिक 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। मणिपुर की युवा वुशू खिलाड़ी राजकुमारी लंचेनबी चानू ने महिला चांगक्वान संयुक्त स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वह यूथ ओलंपिक खेलों में वुशू खेल में पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। चानू ने गुन्शु (हथियार आधारित रूटीन) और चांगक्वान (बिना हथियार वाला रूटीन) दोनों विधाओं के शानदार प्रदर्शन की बदौलत कुल 18.039 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में मिस्र की सोंडोस सोनबोल ने स्वर्ण और वेनेजुएला की वालेरिया फ्रैनरीस ने रजत पदक जीता।
चांगक्वान और गुन्शु रूटीन में भारतीय खिलाड़ी ने दिखाया दम, तकनीकी कौशल और कलाबाजियों के प्रदर्शन से जजों को किया प्रभावित
उल्लेखनीय है कि डकार 2026 यूथ ओलंपिक में वुशू को पहली बार आधिकारिक खेल के रूप में शामिल किया गया है, और चानू ने अपने पहले ही प्रयास में भारत के लिए ऐतिहासिक पदक हासिल किया। स्पर्धा में शामिल चांगक्वान उत्तरी चीन की एक प्रसिद्ध तेज-तर्रार वुशू शैली है, जिसमें बिना किसी हथियार के लंबे दायरे वाले मूवमेंट, तेज रफ्तार पंच, किक और हवा में कलाबाजियों का तालमेल होता है, वहीं गुन्शु में स्टाफ (लाठी) का इस्तेमाल किया जाता है। लंचेनबी चानू ने अपने असाधारण संतुलन और ग्रेसफुल प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
यूथ ओलंपिक 2026 में भारतीय दल ने अब तक जीते तीन पदक, जूडो और तैराकी के बाद वुशू में भी लहराया तिरंगा
डकार यूथ ओलंपिक में भारतीय दल का अभियान बेहद यादगार साबित हो रहा है, जहां भारत अब तक एक रजत और दो कांस्य सहित कुल तीन पदक जीत चुका है। लंचेनबी चानू के कांस्य पदक से पहले जूडो में युवा खिलाड़ी खुशबू राजकभाई ने भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया था। वहीं, देश की उभरती हुई स्टार तैराक धिनिधि देसिंघु ने भी महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। भारतीय दल की इस लगातार सफलता से देश भर के खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

