दीपावली से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: गौतमबुद्धनगर में 135 किलो दूषित रसगुल्ला और खोया कराया नष्ट

गौतमबुद्धनगर, (वार्ता) दीपावली के पावन पर्व पर मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने छापेमारी अभियान तेज करते हुए प्रथम दृष्टया दूषित एवं मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए लगभग 135 किलोग्राम रसगुल्ले और खोये को मौके पर ही नष्ट करा दिया है।

इसके साथ ही विभाग ने विभिन्न स्थानों से खाद्य पदार्थों के पांच नमूने भी संग्रहित किए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर विभागीय टीमें लगातार खाद्य प्रतिष्ठानों और मिठाई निर्माण इकाइयों की जांच कर रही हैं।

सहायक आयुक्त (खाद्य-द्वितीय) सर्वेश मिश्रा ने बुधवार को बताया कि मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में मंगलवार रात और बुधवार को यह विशेष अभियान चलाया गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और रविंद्र नाथ वर्मा की टीम ने जेवर टोल के पास एक वाहन को रोककर जांच की, जिसमें हरेंद्र डेयरी, गढ़ी अरनिया जटवार (अलीगढ़) से पनीर की खेप दिल्ली ले जाई जा रही थी। टीम ने पनीर के दो नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।

इसी कड़ी में, श्री सिंह और अमर बहादुर सरोज की टीम ने ग्रेटर नोएडा की परशुराम विहार कॉलोनी स्थित ‘एमके स्वीट्स’ पर छापा मारकर बूंदी के लड्डू का एक नमूना लिया।

वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल कुमार गुप्ता और रितु सक्सेना की टीम ने नोएडा के सेक्टर-52 स्थित गिझोर में ‘बीकानेर स्वीट्स’ की निर्माणशाला का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां रखे करीब 135 किलोग्राम रसगुल्ले और खोये की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई। अधिकारियों के मुताबिक, यह सामग्री प्रथम दृष्टया दूषित और खाने के अयोग्य प्रतीत हो रही थी, जिसे तुरंत नष्ट करा दिया गया।

निरीक्षण के दौरान निर्माण इकाई में भारी मात्रा में अस्वच्छ परिस्थितियां पाई गईं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग ने सुधार होने तक प्रतिष्ठान का पंजीकरण निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है और अग्रिम आदेशों तक व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।

श्री मिश्रा ने बताया कि त्योहारी सीजन के मद्देनजर यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सभी मिठाई विक्रेताओं और खाद्य कारोबारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे केवल खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त या पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही सामग्री खरीदें। प्रत्येक खरीद का पक्का बिल अपने पास रखें तथा खाद्य सामग्री लेते समय निर्माण तिथि, बैच नंबर और अन्य विवरणों की अनिवार्य रूप से जांच करें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान जिले के नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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