सतना: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशो के परिपालन में श्रीमती गीता सोलंकी, प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिविसेप्रा सतना द्वारा दीप प्रज्जवलन कर, विद्यादायिनी वीणावदिनी मॉ सरस्वती एवं महात्मा गाँधी के चित्रो पर श्रद्धास्वरूप सुमन अर्पित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती गीता सोलंकी व अधिवक्ता संघ, अध्यक्ष बद्री प्रसाद पाठक ने अधिवक्ताओ, पक्षकारो एवं आमजनो से आहवान किया कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से अधिक से प्रकरणों को निराकृत करें।
नेशनल लोक अदालत शुभारंभ पश्चात् प्रधान जिला न्यायाधीश सहित उपस्थित समस्त न्यायाधीशगण द्वारा पर्यावरण संर्वद्धन हेतु कार्यालय परिसर के बाहर वृक्षहीन रिक्त स्थानों पर विभिन्न प्रकार के फलदार एवं छायादार पौधों को श्रृंखलाबद्ध लगाया गया। कार्यकम शुभारंभ पश्चात प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा न्यायालय परिसर में लोक अदालत की गतिविधियों का अवलोकन करते हुए खंडपीठो का निरीक्षण किया गया एवं बैंक, विद्युत, बीमा कंपनियों द्वारा लगाए गए स्टालों में उनके अधिकारी / कर्मचारी एवं पक्षकारो के समक्ष पहुंचकर अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु संबंधितों को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम शुभारंभ अवसर पर नोडल अधिकारी-नेशनल लोक अदालत, अध्यक्ष एवं सचिव अधिवक्ता संघ सतना एवं न्यायाधीशगण व जिला विधिक सहायता अधिकारी की सहभागिता रही।
क्या कहते हैं आंकड़े
इस प्रकार नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कुल 2667 प्रकरण निराकृत हुए, जिनकी कुल समझौता राशि लगभग 235715821/- रू है, जिसमें लगभग कुल 5442 व्यक्ति लाभान्वित हुये। पार्थ शंकर मिश्र, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सतना ने बताया कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से काफी संख्या में मामलों का निराकरण किया जाकर मामले से संबंधित व्यक्तियों को लाभांवित किया गया तथा पक्षकारो के द्वारा आपसी भेदभाव को मिटाकर मधुर संबंध बनाकर समाज में सद्भावना एवं शांतिप्रिय वातावरण निर्मित करने का सराहनीय प्रयास रहा।
