कोलकाता, (वार्ता): पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को राज्य सरकार के नवचयनित कर्मचारियों से जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान सत्यनिष्ठा बनाए रखने और बिना किसी भेदभाव के काम करने का आह्वान किया।
वह 152 नवचयनित सहकारिता निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
सहकारिता क्षेत्र को ‘वैकल्पिक अर्थव्यवस्था’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र कृषि, मत्स्य पालन, एमएसएमई, डेयरी और कोल्ड स्टोरेज जैसे कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार हर व्यक्ति को सरकारी नौकरी नहीं दे सकती, ऐसे में सहकारी समितियां आमजन को सशक्त बनाने का प्रमुख माध्यम हैं। नए निरीक्षकों की नियुक्ति से इस क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जनशक्ति की कमी दूर होगी।
कर्मचारियों के बकाये का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार 12,000 करोड़ रुपये के कुल बकाये में से 8,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष 4,000 करोड़ रुपये का भुगतान 30 नवंबर तक कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तक 63,496 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू या स्वीकृत की है, जिनमें 60,838 स्थायी पद शामिल हैं।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी शनिवार को लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित कर पुलिस भर्ती बोर्ड के माध्यम से चयनित 300 से अधिक नए सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों में अमूल और एनडीडीबी के सहयोग से 570 दुग्ध संग्रह केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा 1,230 प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) को कॉमन सर्विस सेंटरों से जोड़ा गया है।
