इंदौर:बुधवार को आईडीए कार्यालय में संभागायुक्त ने सभी विभागों की मैराथन बैठक ली. बैठक में आईडीए की संपत्तियों की जानकारी एकत्र करने के आदेश दिए, इसके लिए आईडीए के सभी विभागों को जमीनों की वास्तविक स्थित बताने का कहा है. उक्त बैठक में सभी संपत्तियों को एक साथ मेला लगाकर बेचने का काम किया जाएगा.
आज सुबह 10.30 बजे से इंदौर विकास प्राधिकरण के पदेन अध्यक्ष संभागायुक्त भास्कर लक्षकार और सीईओ संदीप केरकट्टा ने सभी विभागों की समीक्षा की. समीक्षा में विधि, संपदा, भू अर्जन, योजना विभाग से अलग-अलग जमीनों की जानकारी ली गई.
अधिकारियों ने विधि विभाग से कितने प्रकरण कोर्ट, हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में जमीनों के चल रहे है? वास्तविक स्थिति मौके पर क्या है? कब तक फैसला होने की संभावना पर चर्चा की गई. विधि शाखा के लंबित प्रकरणों का रिकार्ड संधारित करने के निर्देश दिए. इसी तरह संपदा विभाग में 54 करोड़ की संपत्ति बेचने के लिए टेंडर जारी कर रखे हैं. साथ ही शहर में आईडीए की कितनी जमीन कहा पर और किस कारण से खाली पड़ी है, उसको बेचने में क्या समस्या है? सभी प्लॉटों और और प्लॉटों के साथ खाली पड़ी जमीनों का भी सूची बनाने के आदेश दिए गए. बैठक में प्राधिकरण की समस्त योजनाओं में लीजधारकों से बकाया लीजरेंट एवं कम्पाउण्डींग फीस वसूली जाना है, उन्हें तुरंत नोटिस एवं लीज शर्तो के अधीन लीज निरस्ती के सूचना पत्र जारी करें. तय समय में बकाया वसूली की जाएं.
जमीनों की उपलब्धता पर चर्चा
भू अर्जन अधिकारी से योजनाओं के विकास और जमीनों की उपलब्धता पर चर्चा की गई. साथ ही शहर की विभिन्न योजनाओं में खाली पड़ी जमीन पर विकास कार्य करने और नहीं होने को लेकर खाका तैयार करने का कहा है. प्लानिंग विभाग से विभिन्न योजनाओं में भू उपयोग के अनुसार कितनी जमीनों का विकास और योजना बनाने में आ रही समस्याओं और प्लान करने के आदेश दिए गए हैं.
संपत्तियों का विवरण बनाएं
आईडीए के सूत्रों के अनुसार करीब 4 घंटे चली बैठक में संभागायुक्त भास्कर लक्षकार ने अधिकारियों से कहा कि आईडीए की सभी संपत्तियों विवरण बना लें. इसके बाद आईडीए द्वारा संपत्ति मेला लगाया जाएगा, जिसमें हर जमीन उपयोग और व्यावसायिक एवं आवासीय उपयोग से संबंधित विकास की जानकारी मौके पर ही दी जाएगी
