राजस्थान उच्च न्यायालय ने सरकारी जमीन पर बसीं कालॉनियों के नियमन से जुड़े आदेश पर रोक लगाई

जयपुर, 06 जुलाई (वार्ता) राजस्थान उच्च न्यायालय ने सरकारी जमीन पर बसी कॉलोनियों के नियमन से जुड़े राज्य सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।

अदालत ने नगरीय विकास एवं आवासन (यूडीएच) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) से पूछा है कि किस वैधानिक अधिकार के तहत यह आदेश जारी किया गया।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रथम दृष्टया माना कि सरकारी भूमि पर बसी कॉलोनियों के नियमन संबंधी आदेश कानून के अनुरूप प्रतीत नहीं होता। अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए विस्तृत जवाब मांगा है। साथ ही अगली सुनवाई तक संबंधित आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाने के निर्देश दिये हैं।

याचिका में कहा गया है कि सरकार ने सरकारी भूमि पर विकसित कॉलोनियों को नियमित करने के लिए आदेश जारी किया है, जबकि ऐसा करने का स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह के आदेश से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को बढ़ावा मिलेगा और सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि संबंधित भूमि सरकारी स्वामित्व की है तो उसे नियमित करने का अधिकार किस कानून या नियम के तहत इस्तेमाल किया गया। अदालत ने इस संबंध में स्पष्ट जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं।

उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल सरकारी जमीन पर बसी कॉलोनियों के नियमन की प्रक्रिया पर रोक लग गयी है। अब राज्य सरकार को अगली सुनवाई में अपना पक्ष और आदेश का कानूनी आधार स्पष्ट करना होगा।

मामले को राज्य में सरकारी भूमि पर विकसित कॉलोनियों के नियमन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में माना जा रहा है। उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय का प्रभाव ऐसे कई मामलों पर पड़ सकता है, जिनमें सरकारी भूमि पर वर्षों से बस्तियां या कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं।

 

 

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