ढाका, 04 नवंबर (वार्ता) बंगलादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने रेडीमेड गारमेंट (आरएमजी) क्षेत्र में जारी हिंसा को श्रमिक आंदोलन के बजाय देश को अस्थिर करने की राजनीतिक साजिश करार देते हुए इसके पीछे राजनीतिक तत्वों और आपराधिक गिरोहों का हाथ होने का आरोप लगाया है।
इस बीच सरकार ने श्रमिकों की वेतन वृद्धि की प्रक्रिया तेज करते हुए जनवरी 2027 से नया वेतन लागू करने की समयसीमा तय की है।
श्री सलाहुद्दीन ने कहा कि आम श्रमिकों का इस्तेमाल कर राजनीतिक हिंसा और देश विरोधी गतिविधियों के जरिए अस्थिरता पैदा करने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी लोग श्रमिक बनकर कारखानों पर हमले, आगजनी और तोड़फोड़ कर रहे हैं। जांच में कुछ गारमेंट कारखाना मालिकों तथा पूर्ववर्ती अवामी लीग सरकार के पूर्व सांसदों, मंत्रियों और राज्य मंत्रियों की संलिप्तता भी सामने आयी है। उन्होंने दावा किया कि कुछ माफिया समूह और प्रतिक्रियावादी ताकतें पड़ोसी देश से संचालित साजिश के तहत बंगलादेश को अस्थिर करना चाहती हैं। सरकार ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ऐसी हिंसक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।
गृह मंत्री के अनुसार, श्रमिकों की प्रमुख मांग न्यूनतम वेतन में संशोधन के लिए प्रत्येक तीन वर्ष में वेतन बोर्ड का गठन करना है। सरकार ने इसकी प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी थी, लेकिन श्रमिक प्रतिनिधियों के नामांकन में देरी के कारण बोर्ड के गठन में कुछ विलंब हुआ। नामांकन मिलते ही बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया गया और उसने अपनी पहली बैठक भी कर ली है।
छह सदस्यीय न्यूनतम वेतन बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं वरिष्ठ जिला न्यायाधीश सैयद आजाद सुबहानी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई पहली बैठक के बाद नियोक्ता प्रतिनिधि एबीएम शम्सुद्दीन और श्रमिक प्रतिनिधि बाबुल अख्तर ने घोषणा की कि नया वेतन ढांचा दिसंबर में लागू होगा और श्रमिकों को जनवरी 2027 से बढ़ा हुआ वेतन मिलने लगेगा।
श्री सुबहानी ने बताया कि अगली बैठक में नियोक्ता और श्रमिक प्रतिनिधि अपने-अपने वेतन प्रस्ताव पेश करेंगे। बोर्ड का तटस्थ सदस्य भी प्रस्ताव देगा, जिसके बाद नयी वेतन दरों पर औपचारिक चर्चा शुरू होगी। सरकार ने रविवार को राजपत्र अधिसूचना के जरिए बोर्ड का पुनर्गठन किया था।
श्री सलाहुद्दीन ने कहा कि महंगाई, मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और जीवनयापन की लागत को ध्यान में रखते हुए नया वेतन ढांचा तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भी श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार और उनके कल्याण को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य निर्यात बढ़ाना, आर्थिक समृद्धि हासिल करना और रोजगार के नये अवसर पैदा करना है।
गृह मंत्री ने बताया कि सरकार ने गारमेंट कारखाना मालिकों और श्रमिक नेताओं के साथ विस्तृत बातचीत की है। उनके अनुसार दोनों पक्षों ने माना है कि हिंसा और तोड़फोड़ वास्तविक श्रमिक आंदोलन का हिस्सा नहीं हैं और श्रमिकों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को संयम बरतने और किसी भी परिस्थिति में अत्यधिक बल प्रयोग नहीं करने के निर्देश दिये गये हैं। कई सुरक्षाकर्मियों के गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद बलों ने संयम बनाये रखा है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि माफिया और आपराधिक समूहों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जायेगी।
श्री सलाहुद्दीन ने श्रमिकों से अफवाहों और उकसावे में नहीं आने तथा तत्काल काम पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि कामकाज बहाल होने से औद्योगिक उत्पादन जारी रहेगा और श्रमिकों के रोजगार के साथ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की भी रक्षा होगी।
