भोपाल। देवास में थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के बाद सरकार ने अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रदेशव्यापी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में साफ कहा कि अब अवैध शराब के परिवहन, भंडारण और खरीद-बिक्री के खिलाफ पूरे प्रदेश में एक साथ अभियान चलाया जाए. शराब माफिया और इस कारोबार में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल को निलंबित किया गया है.
मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को अवैध शराब के मामलों में निरंतर और सख्त कार्रवाई की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि केवल शराब पकडऩे तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि परिवहन, भंडारण और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क को निशाने पर लिया जाए. देवास की घटना में सामने आए नेटवर्क की जांच भी इसी दिशा में आगे बढ़ाई जा रही है.
कार्बाइन गन और प्रतिबंधित पटाखों से बच्चों को बचाएं
दीपावली को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों को खतरनाक और प्रतिबंधित पटाखों से दूर रखने की अपील की. उन्होंने विशेष रूप से कार्बाइन गन जैसे विस्फोटक पटाखों के इस्तेमाल पर रोक का पालन कराने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पटाखे मानव जीवन के लिए खतरा बन सकते हैं. पुलिस को त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रतिबंधित पटाखों के इस्तेमाल पर निगरानी रखने को कहा गया है.
नशे के खिलाफ 2029 तक अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा और ड्रग माफिया के खिलाफ वर्ष 2029 तक कठोर कार्रवाई के संकल्प के अनुरूप प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना सरकार की प्राथमिकता है. इसके लिए पुलिस और प्रशासन को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. अपराधियों के खिलाफ धरपकड़ अभियान भी जारी रहेगा.
