नई दिल्ली। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में समेकित आधार पर ₹3,866 करोड़ का कर पश्चात लाभ (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 8% अधिक है। कंपनी की कुल आय भी 3% बढ़कर ₹12,055 करोड़ पहुंच गई।
विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली महारत्न कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही और वित्त वर्ष की पहली छमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए। दूसरी तिमाही में कंपनी का एकल आधार पर कर पश्चात लाभ ₹3,819 करोड़ और कुल आय ₹11,900 करोड़ रही।
पूंजीगत व्यय ₹16,864 करोड़
पावरग्रिड ने 30 सितंबर, 2026 तक समेकित आधार पर ₹16,864 करोड़ का पूंजीगत व्यय किया। इस दौरान ₹9,300 करोड़ की परिसंपत्तियों का पूंजीकरण किया गया। कंपनी की सकल अचल परिसंपत्तियां सकल लीज प्राप्य सहित ₹3,29,852 करोड़ रहीं।
1.87 लाख सर्किट किलोमीटर से अधिक पारेषण लाइनें
तिमाही के अंत तक पावरग्रिड और उसकी सहायक कंपनियों के पास कुल 1,87,576 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाइनें, 293 सबस्टेशन और 6,49,116 एमवीए की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता थी। कंपनी ने दूसरी तिमाही तक औसतन 99.81% पारेषण प्रणाली उपलब्धता बनाए रखी।
छह पारेषण परियोजनाओं के लिए सफल बोलीदाता
तिमाही के दौरान टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के तहत पावरग्रिड छह पारेषण परियोजनाओं के लिए सफल बोलीदाता बनी। इनमें पांच अंतरराज्यीय पारेषण प्रणाली (ISTS) परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें ±800 केवी बाड़मेर-दक्षिण कलाम्ब हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) परियोजना भी शामिल है। इसके अलावा, कंपनी ने एक अंतर्राज्यीय पारेषण प्रणाली (InSTS) परियोजना के लिए भी सफल बोली हासिल की।