नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के जरिए विपक्षी दलों ने SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर निशाना साधा। 1 नवंबर 2026 को आयोजित इस रैली में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।
रैली में नेताओं ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। किसी ने संविधान की रक्षा का मुद्दा उठाया तो किसी ने महाभारत के उदाहरण से चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। आइए जानते हैं रामलीला मैदान से विपक्ष के 10 प्रमुख नेताओं ने क्या कहा।
*राहुल गांधी से अखिलेश यादव तक, किसने क्या कहा?*
*1. राहुल गांधी* : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को भी घेरा।
*2. मल्लिकार्जुन खरगे* : कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार मतदाताओं के अधिकारों को कमजोर कर रही है। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्षी दलों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की।
*3. अखिलेश यादव* : समाजवादी पार्टी प्रमुख ने रामलीला मैदान की रैली को लोकतंत्र की ‘हल्दी घाटी’ बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया और 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से बाहर करने का दावा किया।
*4. तेजस्वी यादव* : RJD नेता ने महाभारत के शकुनि का उदाहरण देते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने मौजूदा लड़ाई को लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों से जोड़कर अपनी बात रखी।
*5. ममता बनर्जी:* तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के जरिए विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है।
*6. दीपांकर भट्टाचार्य* : CPI-ML नेता ने SIR को लोकतंत्र और मतदान के अधिकार से जुड़ा अहम मुद्दा बताया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
*7. एमए बेबी:* CPI-M नेता ने बीजेपी पर फासीवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन की अपील की।
*8. महबूबा मुफ्ती:* PDP प्रमुख ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्षी दलों को एकजुट रहने की जरूरत बताई। उन्होंने नागरिक अधिकारों को कमजोर किए जाने की आशंकाओं पर चिंता जताई।
*9. फारूक अब्दुल्ला* : नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता ने देश की आजादी और एकता में मुसलमानों के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने सांप्रदायिक राजनीति पर निशाना साधा।
*10. नेहा बोरा:* AISA अध्यक्ष ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर बीजेपी और RSS को घेरा। उन्होंने युवाओं से लोकतंत्र की रक्षा के आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
*महारैली से विपक्ष ने क्या संदेश दिया?*
रामलीला मैदान की रैली में INDIA गठबंधन ने SIR, कथित वोट चोरी और चुनाव आयोग की भूमिका को अपने विरोध का प्रमुख आधार बनाया। राहुल गांधी और खरगे ने राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दे उठाए, जबकि अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने इसे उत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीति से जोड़ा। विपक्षी नेताओं ने संकेत दिया कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और मतदान के अधिकार से जुड़े सवालों को लेकर उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।
