नयी दिल्ली 03 जून (वार्ता) भारत की पहली यात्रा पर आये दक्षिण पूर्व एशियाई देश लाओ के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री थोंगसावन फोमविहेन ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
राष्ट्रपति ने श्री फ़ोमविहेन का स्वागत करते हुए कहा, “भारत और लाओ के बीच घनिष्ठ सभ्यतागत संबंध हैं, जो बौद्ध धर्म और रामायण की हमारी साझा विरासत में परिलक्षित होता है। इस वर्ष हम दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।”
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि अक्टूबर 2024 में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आसियान-संबंधित शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए लाओ का दौरा किया। उस यात्रा के दौरान कई समझौते हुए जिनसे द्विपक्षीय सहयोग को नयी गति मिली।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और लाओ के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ा है, लेकिन हमारे लिए व्यापार और निवेश दोनों में एक साथ आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी , स्वास्थ्य, चिकित्सा, कृषि, सिंचाई, विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली जैसे क्षेत्रों में लाओ पीडीआर के साथ सहयोग बढ़ाने में खुशी होगी। उन्होंने कहा,” हम नवप्रवर्तन और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा करने के भी इच्छुक हैं।”
उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी और भी मजबूत हो गई है। दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग हमारे लोगों को लाभ पहुंचा सकता है।
