
भोपाल। मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा के हालिया नतीजों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बेटियां पढ़ाई में लगातार नई ऊंचाइयां छू रही हैं। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा बुधवार को घोषित कक्षा 5वीं और 8वीं के परीक्षा परिणामों में छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हुए बढ़त बनाई है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो कक्षा 5वीं में जहां 96.19 प्रतिशत छात्राएं सफल रहीं, वहीं छात्रों का प्रतिशत 94.15 रहा। इसी तरह 8वीं में भी छात्राएं 94.98 प्रतिशत के साथ आगे रहीं, जबकि छात्रों का परिणाम 92.74 प्रतिशत दर्ज किया गया। कुल मिलाकर 5वीं का परिणाम 95.14 प्रतिशत और 8वीं का 93.83 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय सुधार दर्शाता है।
इस बार की परीक्षा में 23 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें ग्रामीण अंचलों के छात्रों की भागीदारी प्रमुख रही। 5वीं में करीब 72 प्रतिशत और 8वीं में लगभग 69 प्रतिशत विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों से थे, जो यह संकेत देता है कि गांवों में भी शिक्षा का स्तर लगातार मजबूत हो रहा है।
बोर्ड पैटर्न पर आयोजित इस परीक्षा में सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेशभर में 322 केंद्र बनाए गए थे, जहां एक लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियां जांचीं।
डिजिटल सुविधा को बढ़ावा देते हुए इस बार परिणाम देखने के लिए ऑनलाइन पोर्टल के साथ क्यूआर कोड की व्यवस्था भी की गई, जिससे छात्र और अभिभावक आसानी से रिजल्ट देख सकें।
कुल मिलाकर, बेहतर परिणाम और छात्राओं की बढ़त ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत दिया है।
