भोपाल: दीपावली पर शहर में पटाखों का बाजार सजने से पहले प्रशासन ने दुकानों और गोदामों में आतिशबाजी के भंडारण की जांच की तैयारी कर ली है। जिले में लगने वाली 967 अस्थायी पटाखा दुकानों के साथ स्थायी दुकानों और गोदामों की भी जांच की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य लाइसेंस में तय क्षमता से अधिक पटाखों का भंडारण रोकना और प्रतिबंधित आतिशबाजी की बिक्री पर अंकुश लगाना है। कलेक्टर के निर्देश पर अपर जिला दंडाधिकारी ने संयुक्त विस्फोटक नियंत्रक को पत्र लिखकर सभी लाइसेंसधारियों के प्रतिष्ठानों की जांच कराने और दो दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जांच में भंडारण क्षमता के साथ लाइसेंस की शर्तों के पालन की भी पड़ताल की जाएगी।
-गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा 190 अस्थायी दुकानें
जिले में वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार, 50 किलोग्राम क्षमता वाली 967 अस्थायी फुटकर पटाखा दुकानें लगती हैं। इन दुकानों को दीपावली के दौरान केवल 15 दिन के लिए लाइसेंस दिया जाता है। क्षेत्रवार आंकड़ों में गोविंदपुरा 190 दुकानों के साथ पहले स्थान पर है। बैरसिया में 188, कोलार में 180, शहर में 120, बैरागढ़ में 110, हुजूर में 99 और टीटी नगर में 80 अस्थायी दुकानें हैं।
-1500 किलो क्षमता के 18 गोदाम भी जांच के दायरे में
प्रशासन के रिकॉर्ड के मुताबिक, जिले में 1500 किलोग्राम क्षमता वाली आतिशबाजी की 18 स्थायी दुकानें और इतने ही गोदाम लाइसेंसधारी हैं। इनके अलावा 500 किलोग्राम क्षमता वाली 17 दुकानें भी संचालित हैं। पटाखा निर्माण के दो स्थायी लाइसेंस भी जारी किए गए हैं। प्रशासन इन सभी प्रतिष्ठानों की जांच कर यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कहीं निर्धारित सीमा से अधिक आतिशबाजी का भंडारण तो नहीं किया जा रहा है। साथ ही प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री रोकने के लिए भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।
