रायपुर, 30 अक्टूबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए उनके व्यवहार और कार्यशैली को ‘दिमागी माओवादी’ जैसा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य हमेशा से समाज में आपसी फूट डालना और सत्ता हासिल कर उसकी लूट करना रहा है।
राजधानी रायपुर के बोरियाकला स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र अब जनता के सामने उजागर हो चुका है। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव और सांसद संतोष पांडेय भी मौजूद रहे।
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और लोकतांत्रिक व्यवस्था देश की सबसे बड़ी ताकत है। भारत आज विश्व की तेजी से उभरती शक्तियों में शामिल है, लेकिन कुछ अंतरराष्ट्रीय शक्तियां देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सहित विपक्षी दल ऐसी शक्तियों के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार ने नक्सल समस्या खत्म की है, लेकिन अब दिल्ली में ‘दिमागी नक्सल’ हावी होने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की गतिविधियों को अराजकता फैलाने का प्रयास करार दिया। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनका व्यवहार और आचरण दिमागी माओवादी जैसा प्रतीत होता है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी वैधानिक व्यवस्थाओं पर लगातार सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक ओर ईवीएम की विश्वसनीयता पर संदेह जताती है, वहीं दूसरी ओर एसआईआर में गड़बड़ी के आरोप लगाकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास करती है।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस जनता को पप्पू समझने का प्रयास न करे। डॉ. त्रिवेदी ने राहुल गांधी की यात्राओं और संदिग्ध व्यक्तियों से उनकी कथित मुलाकातों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दिल्ली में एक नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के समय को लेकर प्रश्न उठाते हुए कहा कि आखिर दिवाली के समय ही आंदोलन का आयोजन क्यों किया जा रहा है और इसके पीछे कौन-सी शक्तियां प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी।
इधर, भाजपा के आरोपों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच कांग्रेस ने भी दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेताओं ने विमान, नियमित रेल सेवाओं और सड़क मार्ग का सहारा लिया।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत भी विमान से दिल्ली रवाना हुए। उनके अलावा प्रदेश कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में भाग लेने के लिए दिल्ली जा रहे हैं।
कांग्रेस नेता श्रीकुमार मेनन ने मीडिया से चर्चा में बताया कि दिल्ली जाने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की सुविधा के लिए रेलवे से विशेष ट्रेन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था, लेकिन रेलवे प्रशासन की ओर से विशेष ट्रेन नहीं मिलने के कारण वैकल्पिक परिवहन व्यवस्थाएं करनी पड़ीं। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं।
दिल्ली में एक नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस के प्रदर्शन और उसके विरोध में भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के चलते छत्तीसगढ़ में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा जहां कांग्रेस की चुनावी प्रक्रिया संबंधी आपत्तियों और राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारियों में जुटी हुई है।
