सतना : अपने भाई के साथ ट्रेन में यात्रा कर रही बालिका आवश्यक सामान लेने के लिए अमदरा रेलवे स्टेशन पर उतरी. लेकिन ट्रेन चल देने की वजह से वह स्टेशन पर ही छूट गई. भाई की शिकायत पर जीआरपी ने बालिका की खोजबीन शुरु की. कड़ी मशक्कत करते हुए गुमशुदा बालिका को 36 घंटे में खोजकर परिजनों को सौंप दिया गया.जीआरपी उप थाना प्रभारी राजेश राज से प्राप्त जानकारी के अनुसार सीतामढ़ी बिहार निवासी एक 22 वर्षीय युवक अपनी 14 वर्षीय बहन के साथ 15231 बरौनी गोंदिया एक्सप्रेस में मुजफ्फपुर से रायपुर तक की यात्रा कर रहे थे. यात्रा के दौरान बालिका काफी असहज हो गई.
ट्रेन में वह अपनी समस्या को किसी से साझा भी नहीं कर पा रही थी. लिहाजा कोई रास्ता न देख अमदरा स्टेशन पर ट्रेन के रुकते ही वह उपयोगी सामान लेने के लिए उतर गई. लेकिन इसी दौरान ट्रेन चल पड़ी और बालिका स्टेशन पर ही छूट गई. यह देख भाई ने फौरन ही घटना की जानकारी ट्रेन में मौजूद स्टॉफ को दी. जिसके चलते कुछ ही देर में जानकारी मैहर और कटनी जीआरपी तक पहुंच गई. कटनी जीआरपी में प्रकरण दर्ज होने के बाद केस डायरी सतना जीआरपी में पहुंची. जिसके फौरन बाद ही जीआरपी हरकत में आई और साइबर सेल जबलपुर की मदद ली गई.
इस दौरान कड़ी मशक्कत करते हुए बालिका को 36 घंटे में खोज निकालते हुए परिजनों को सौंप दिया गया. वृद्ध महिला के यहां रुकीबालिका ने बताया कि चूंकि अमदरा में ट्रेन छूटने के बाद मोबाइल न होने के कारण वह अपने भाई से संपर्क नहीं कर सकी. लिहाजा दूसरी ट्रेन पकडक़र कटनी चली गई. जहां पर उसे एक वृद्ध महिला मिली, जिससे उसने घटना के बारे में बताया. यह सुनकर महिला उसे अपने साथ मानिकपुर ऊंचडीह ले गई और उसके फोन का उपयोग कर अपने बारे में बताया. फोन की लोकेशन मिलते ही जीआरपी की टीम मौके पर पहुंच गई. लेकिन जब टीम वहां पहुंची तो मालुम हुआ कि बालिका अपने जीजा के साथ चली गई है. लिहाजा जीआरपी ने बालिका को मानिकपुर से दस्तयाब करते हुए परिजनों को सौंप दिया.
