नयी दिल्ली 30 अक्टूबर (वार्ता) भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के तीन युद्धपोत श्रीलंका में अपने प्रशिक्षण पड़ाव के बाद कोलंबो बंदरगाह से रवाना हो गए। तीनों युद्धपोतों आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी ने रवाना होते समय श्रीलंका की नौसेना के साथ समुद्र में संयुक्त अभ्यास भी किया।
रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इन जहाजों के कोलंबो में पड़ाव के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच कई गतिविधियां हुईं।
कोलंबो में ठहराव के दौरान प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी और युद्धपोतों के कमांडिंग अधिकारियों ने श्रीलंकाई नौसेना के पश्चिमी नौसेना क्षेत्र के कमांडर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षण गतिविधियों के तहत भारतीय नौसेना के प्रशिक्षु अधिकारियों ने त्रिंकोमाली स्थित नौसेना और समुद्री अकादमी का दौरा किया और श्रीलंकाई प्रशिक्षुओं से बातचीत की। वहीं, श्रीलंकाई नौसेना के कैडेटों ने भारतीय जहाजों का दौरा कर वहां प्रशिक्षण की सुविधाओं और गतिविधियों की जानकारी ली।
इस दौरान भारतीय नौसेना के जवानों ने समुद्र तट की सफाई में भी हिस्सा लिया। इसके अलावा, जहाजों को स्थानीय लोगों और श्रीलंका में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों के लिए खोला गया। उन्होंने जहाजों पर मौजूद चालक दल से बातचीत की और नौसेना की प्रशिक्षण व कामकाज से जुड़ी गतिविधियों को जाना। कोलंबो से रवाना होने के बाद भारतीय नौसेना के तीनों जहाजों ने श्रीलंकाई नौसेना के जहाज एसएलएनएस नंदिमित्र के साथ समुद्री अभ्यास किया। इस अभ्यास में दोनों देशों के जहाजों ने मिलकर समुद्री गतिविधियां कीं। इससे दोनों नौसेनाओं के बीच तालमेल और संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को बढ़ावा मिला। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना और क्षेत्रीय सुरक्षा व विकास के लिए आपसी साझेदारी को आगे बढ़ाना रहा।

