
भोपाल। गंभीर आपराधिक प्रकरणों में, जिनके तार विभिन्न राज्यों से जुड़े पाए गए हैं, जांच को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है। इस निर्णय का उद्देश्य अशोकनगर, इंदौर (ग्रामीण एवं शहरी), खरगोन तथा भोपाल सहित विभिन्न जिलों में दर्ज प्रकरणों की समन्वित और त्वरित जांच सुनिश्चित करना है।
समीक्षा में पाए गए प्रकरणों में ऐसे संगठित गिरोहों की संलिप्तता सामने आई है, जो राज्य की सीमाओं के पार सक्रिय हैं। इसे देखते हुए एकीकृत और केंद्रित जांच की आवश्यकता महसूस की गई। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, विशेष कार्य बल के पर्यवेक्षण में इस दल को विस्तृत जांच का दायित्व सौंपा गया है।
इस विशेष जांच दल के प्रभारी के रूप में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक (रेल), भोपाल राहुल कुमार लोढ़ा को नियुक्त किया गया है। अन्य प्रमुख सदस्यों में विशेष कार्य बल भोपाल के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह भदौरिया, विशेष कार्य बल इंदौर के पुलिस अधीक्षक नवीन कुमार चौधरी तथा आतंकवाद निरोधक दस्ते भोपाल के पुलिस अधीक्षक वैभव श्रीवास्तव सहित कई उप पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित सभी जिलों से प्रकरणों की केस डायरी प्राप्त कर शीघ्र और गहन जांच प्रारंभ की जाए। जांच का संचालन भोपाल स्थित विशेष कार्य बल मुख्यालय से किया जाएगा, जिससे विभिन्न जिलों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता अनुसार अन्य पुलिसकर्मियों को भी दल में शामिल किया जा सकता है, जबकि वर्तमान विवेचक भी जांच में सहयोग करते रहेंगे। यह पहल संगठित अपराध के विरुद्ध राज्य पुलिस की शून्य सहनशीलता नीति को दर्शाती है तथा अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त कर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
