सिंगरौली । काचन नदी में कोल माइंस का पानी छोड़े जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नवभारत ने 14 अक्टूबर को काचन नदी में कोल माइंस का पानी की खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया, जहां क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने कल दिन गुरूवार को जांच टीम भेजने का निर्णय लिया है।यहां बताते चले कि काचन नदी में टीएचडीसी कोल कंपनी की खदान का कोयलायुक्त पानी छोड़ा जा रहा है,जिससे पानी दूषित हो रहा है और मवेशियों के साथ-साथ आमजनों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने का ग्रामीणों के द्वारा दावा किया जा रहा है।
आरोप लगाया जा रहा है कि इस मामले में टीएचडीसी कोल प्रबंधन चुप्पी साध रखी है। वहीं क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अमला बेसूध था। नवभारत ने बुधवार को खबर प्रकाशित किया, जहां प्रदूषण नियंत्रण अमला अधिकारी हरकत में आया और कल दिन गुरूवार को कोल माइंस में जांच टीम भेजने का निर्णय लिया है। अब आगे की कार्रवाई पर सब की नजरें हैं।
इनका कहना:-
काचन नदी में कोयले खदान का पानी छोड़े जाने के संबंध में कल गुरूवार को जांच टीम स्थल पर जाएगी, जहां जांच करने के बाद तथ्य सही पाए गये तो संबंधित कंपनी को नोटिस देकर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रतिपाल ठाकुर
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी, सिंगरौली
