पति की हत्या की आरोपी प्रोफसर को झटका

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट से पति की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रही छतरपुर के सरकारी कॉलेज की पूर्व सीनियर व्याख्याता डॉ ममता पाठक को झटका लगा है। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पैरोल की अवधि 90 दिन और बढ़ाने की मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। एकलपीठ ने दायर याचिका खारिज करते हुए कहा कि एक ही राहत के लिए दूसरी बार दायर याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती। हालांकि न्यायालय ने याचिकाकर्ता को पैरोल से संबंधित राहत के लिए छतरपुर कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी है।

डॉ. ममता पाठक छतरपुर के एक सरकारी कॉलेज में सीनियर लेक्चरार के पद पर कार्यरत थीं। उन पर 29 अप्रैल 2021 को अपने पति की करंट लगाकर हत्या करने का आरोप था। मामले में ट्रायल के बाद छतरपुर की संबंधित अदालत ने 29 जून 2022 को उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी, लेकिन 29 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट ने अपील खारिज कर दी थी। डॉ. ममता पाठक की मौजूदा पैरोल अवधि 12 अगस्त 2026 को समाप्त होने वाली है। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए पैरोल को अतिरिक्त 90 दिनों के लिए बढ़ाने की मांग की थी। मामले में शासन की ओर से याचिका पर आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया गया कि याचिकाकर्ता को छतरपुर जेल से इंदौर जेल स्थानांतरित किया गया है, जहां स्वास्थ्य उपचार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। पैरोल की अवधि बढ़ाने के लिए ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है, जिस पर न्यायालय को हस्तक्षेप करना आवश्यक हो।

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