नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (वार्ता) चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रकोप से उबर रहे तटीय राज्यों, विशेषकर आंध्र प्रदेश पर मौसम के एक और तंत्र का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों पर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से बृहस्पतिवार (29 अक्टूबर) सुबह साढ़े बजे बजे उसी क्षेत्र में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस मौसमी प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और 31 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और अंडमान सागर से सटे क्षेत्रों में कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की अनुमान है। इसके बाद, इस दबाव के और अधिक तीव्र होने और अगले दो दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने के आसार हैं।
उल्लेखनीय है कि यह नई मौसमी स्थिति ऐसे समय में विकसित हुई है, जब आंध्र प्रदेश, ओडिशा और आसपास के क्षेत्र चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुई भारी बारिश, तबाही और जलभराव के प्रभावों से जूझ रहे हैं।
