
उज्जैन। भगवान श्री विष्णु ने बाबा महाकाल को सृष्टि का भार सौंप दिया है। भगवान श्री हरि 118 दिवस के लिए विश्राम के लिए गए हैं। 1 नवंबर को भगवान श्री हरि निद्रा से जागेंगे। तब हरिहर मिलन होगा। पंडित दिनेश त्रिवेदी ने नवभारत से चर्चा में बताया कि भगवान को ना कोई सुला सकता है, ना कोई उठा सकता है ना, मांगलिक कार्य कोई बंद कर सकता है बावजूद इसके यह एक धार्मिक और प्राचीन परंपरा है। जिसका निर्वाहन किया जा रहा है। भगवान श्री हरि ने देवशयनी एकादशी को सृष्टि का भार श्रीहरि यानी बाबा महाकाल को सोंपा है यहां पर लगातार श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन पूजन किया जा रहा है। सावन भादो में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगेगा, लगभग 50 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचेंगे।
