इंदौर: अपराधों की विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर कार्यालय में डीएनए सैंपल संग्रह और फोरेंसिक प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य पास्को और वयस्क बलात्कार मामलों में जांच अधिकारियों की दक्षता बढ़ाना था।
कार्यशाला में करीब 60 विवेचना अधिकारी शामिल हुए। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी अविनाश पुरी और उनकी टीम ने डीएनए सैंपल के संग्रह, संरक्षण, भंडारण और दस्तावेजीकरण की सही प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों को बताया गया कि अपराधों की जांच में छोटी चूक भी अपराधियों को बचाने में सहायक हो सकती है, इसलिए फोरेंसिक साक्ष्यों का सटीक और सुरक्षित उपयोग आवश्यक है।
विशेष रूप से पास्को और बलात्कार मामलों में डीएनए परीक्षण की प्रक्रिया, सैंपल संकलन और जांच के दौरान ध्यान रखी जाने वाली सावधानियों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों को घटना स्थल निरीक्षण और साक्ष्यों के सुरक्षित संकलन की बारीकियों से भी अवगत कराया गया, ताकि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
