कोलकाता, 28 अक्टूबर (वार्ता) मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने बुधवार को वेदांता समूह के संस्थापक और चेयरमैन अनिल अग्रवाल से एक मुलाकात के बाद बताया कि वेदांता समूह पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में एक बड़ा संयंत्र स्थापित करने में रुचि जताई है। इस परियोजना से 10,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
श्री अग्रवाल आज ही यहां राज्य सचिवालय नबन्ना में मुख्यमंत्री श्री अधिकारी से मिले थे।
मुख्यमंत्री ने वेदांता की आसनसोल कहा कि राज्य सरकार प्रस्तावित निवेश को आगे बढ़ाने के लिए समूह को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। हालांकि, उन्होंने प्रस्तावित निवेश की राशि या संयंत्र से जुड़ी विस्तृत जानकारी का खुलासा नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य की नयी औद्योगिक नीति को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल गयी है और इसे पांच नवंबर को सार्वजनिक किया जाएगा।
श्री अग्रवाल से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, ” वह यहां आए थे और उनके साथ हमारी अच्छी बैठक हुई। वे आसनसोल में एक इकाई स्थापित करना चाहते हैं और उनके पास पहले से ही जमीन मौजूद है। हमारी ओर से जिस भी सहायता की आवश्यकता होगी, हम उपलब्ध कराएंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “उन्होंने (श्री अग्रवाल ने) बताया कि वह सात राज्यों में काम करते हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार होने के कारण वे यहां नहीं आए थे। उन्होंने राज्य में निवेश नहीं करने के पीछे कट-मनी, गुंडागर्दी और कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति को कारण बताया। अब जब भाजपा की सरकार सत्ता में आई है, तो वे यहां निवेश करना चाहते हैं।”
श्री अधिकारी ने कहा, “रोजगार की संख्या महत्वपूर्ण है। वेदांता के प्रमुख ने कहा है कि 10,000 लोगों को सीधे रोजगार दिया जाएगा, जबकि इसके अलावा अप्रत्यक्ष रूप से भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि पश्चिम बंगाल सरकार पूरा सहयोग प्रदान करेगी।”
मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले अग्रवाल कोलकाता में एक उद्योग संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्य की औद्योगिक नीति पांच नवंबर को जारी की जायेगी।
नयी औद्योगिकी नीति के बारे में उन्होंने कहा कि इसकी घोषणा काली पूजा और दिवाली से पहले पांच नवंबर को की जाएगी। इस नीति को उद्योग जगत से जुड़े हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करने और मंत्रियों के सुझावों पर विचार करने के बाद नीति को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने कहा, “मंत्रियों के एक समूह ने सभी हितधारकों से सुझाव मांगे थे और इसके बाद औद्योगिक नीति को मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके बाद भी, इस समूह का हिस्सा नहीं रहे कुछ मंत्रियों ने अपने सुझाव दिए। इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक नीति को अंतिम रूप दे दिया गया है।”
राज्य सरकार ने इस नीति पर चर्चा करने के लिए 11 अगस्त को नबन्ना में उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों और प्रमुख उद्योगपतियों के साथ बैठक की थी। नयी औद्योगिक नीति का प्रारंभिक प्रस्तुतीकरण अगस्त के अंतिम सप्ताह में किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन मसौदे पर आगे काम करने के लिए इसे टाल दिया गया था।
नई औद्योगिक नीति में पश्चिम बंगाल में नए औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए आवश्यक ढांचे, प्रोत्साहनों और अन्य सुविधाओं की रूपरेखा प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है।
