
बड़वानी, स्कूल की घंटी बजते ही विद्यार्थियों को घर पहुंचने की जल्दी रहती है, लेकिन स्कूल और महाविद्यालय से बाहर निकलते ही उनकी मुश्किलें बढ़ जाती हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच सडक़ पार करना और भीड़ से निकलकर सुरक्षित घर पहुंचना उनके लिए चुनौती बन जाता है। महाविद्यालय से मोटीमाता मंदिर तक का क्षेत्र विद्यार्थियों की आवाजाही के कारण संवेदनशील बना हुआ है। यहां पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के साथ शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और शासकीय कन्या उच्च विद्यालय संचालित हैं। तीनों शिक्षण संस्थानों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। छुट्टी के समय विद्यार्थियों के एक साथ बाहर निकलने से सडक़ पर भीड़ बढ़ जाती है।
इस दौरान पैदल चलने वाले, साइकिल सवार और अन्य वाहन एक ही मार्ग पर दिखाई देते हैं। बेतरतीब यातायात के कारण जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में सडक़ पार करते समय विद्यार्थियों को वाहनों के बीच से रास्ता तलाशना पड़ता है। बच्चों का ध्यान घर पहुंचने पर रहता है, जबकि तेज रफ्तार वाहनों की दूरी और गति का सही अनुमान लगाना उनके लिए मुश्किल होता है। जरा सी चूक गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। स्कूलों के बाहर छुट्टी के समय यातायात व्यवस्था संभालने और विद्यार्थियों को सुरक्षित सडक़ पार कराने के लिए जरूरी इंतजाम होना आवश्यक है। यातायात पुलिस की तैनाती, वाहनों की गति पर नियंत्रण और पैदल क्रॉसिंग जैसी सुविधाओं से दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सकता है।
बच्चों का ध्यान घर पहुंचने पर रहता है, जबकि वाहन चालकों का ध्यान भीड़ और दूसरे वाहनों के बीच बंटा रहता है। अचानक सडक़ पार करने वाले विद्यार्थियों के सामने दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। तेज रफ्तार वाहनों की दूरी और गति का अनुमान लगाना भी बच्चों के लिए आसान नहीं होता। कई बार उन्हें वाहनों के बीच से रास्ता तलाशना पड़ता है।
स्कूलों के आसपास विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए यातायात व्यवस्था सुधारना जरूरी है। छुट्टी के समय यातायात पुलिस की तैनाती से वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जा सकती है। वाहनों की गति कम करने के उपाय, स्पीड ब्रेकर और पैदल क्रॉसिंग जैसी सुविधाएं दुर्घटनाओं का खतरा घटा सकती हैं। सडक़ पार करने के लिए सुरक्षित स्थान निर्धारित होना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को चलते वाहनों के बीच से रास्ता नहीं तलाशना पड़े। स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है। बच्चों को निर्धारित स्थान से सडक़ पार करने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना जरूरी है।
शिफ्ट में छोड़ते हैं बच्चें
हमारे विद्यालय में छुट्टी के समय छात्र-छात्राओं को अलग-अलग शिफ्ट में छोड़ा जाता है। पहले एक-एक कक्षा की छात्राओं और कुछ समय बाद एक-एक कक्षा के छात्रों को छुट्टी दी जाती है। इससे सडक़ पर एक साथ भीड़ जमा नहीं होती। प्रार्थना सभा में बच्चों को यातायात नियमों के अनुसार वाहन चलाने और सडक़ पार करते समय आने-जाने वाले वाहनों की गति देखकर रास्ता पार करने की सीख दी जाती है। दुर्घटनाओं से बचाव के लिए छुट्टी के समय चार शिक्षकों की ड्यूटी भी लगाई जाती है।
अनिल मिश्रा, शासकीय उत्कृष्ट उमावि क्रं. 1 बड़वानी
