ढाका, 16 अप्रैल (वार्ता) बंगलादेश में खसरा (मीजल्स) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है और पिछले 24 घंटे में आठ बच्चों की मौत हो गई है। यह जानकारी स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने दी है।
इस दौरान देश भर के अस्पतालों में खसरा जैसे लक्षणों वाले 1,191 से अधिक मरीज भर्ती किए गए, जिनमें से 92 मामलों की प्रयोगशाला जांच में खसरे की पुष्टि हुई है।
इन आठ मौतों के साथ मृतकों की संख्या और बढ़ गई है। अब तक कम से कम 34 बच्चों की मौत की पुष्टि खसरा संक्रमण से हो चुकी है, जबकि 172 बच्चों की मौत खसरे जैसे लक्षणों के कारण हुई है। महानिदेशालय के आंकड़ों के अनुसार 15 मार्च से 16 अप्रैल के बीच एक महीने में देशभर में 3,065 खसरा मामलों की प्रयोगशाला से पुष्टि हुई है। ताजा स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक देश में 20,352 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से 10,496 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं।
यूनिसेफ बंगलादेश के अनुसार छोटे बच्चे इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित हैं। कुल मामलों में 81 प्रतिशत पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के हैं, जिनमें 34 प्रतिशत नौ महीने से कम उम्र के शिशु शामिल हैं, जिन्हें अभी नियमित टीकाकरण के लिए पात्र नहीं माना जाता और इसलिए वे सबसे अधिक संवेदनशील हैं।
इसके अलावा देश में टीकाकरण दर में भारी गिरावट आई है, जो पिछले दशक में 90-95 प्रतिशत से घटकर 2025 में 57 प्रतिशत तक पहुंच गई है। रिपोर्ट के अनुसार यह गिरावट पूर्व अंतरिम सरकार की लापरवाही और राजनीतिक अस्थिरता के कारण खसरा टीकाकरण पर ध्यान कम होने से हुई है।
बंगलादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाली नयी सरकार ने कार्यक्रम को पुनर्जीवित करने और 95 प्रतिशत कवरेज हासिल करने के लक्ष्य के साथ आपातकालीन टीकाकरण अभियान शुरू किया है, लेकिन लॉजिस्टिक समस्याएं, आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं, भीड़भाड़ और घटते भंडार के कारण इस लक्ष्य को हासिल करना कठिन बना हुआ है।
