
रीवा, रीवा जिले में रोझौही न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए प्रस्तावित साइट को लेकर विरोध जाती है.वन अधिकार पट्टे की भूमि पर ही परमाणु संयंत्र के लिए जमीन प्रस्तावित किए जाने और सुरक्षा मानकों के कथित उल्लंघन के खिलाफ स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. ग्रामीणों और आदिवासियों का आरोप है कि शासन के वन विभाग, राजस्व विभाग एवं पंचायत विभाग के आपसी समन्वय से वर्ष 2020-21 में ही उन्हें उसी स्थान पर वन अधिकार पट्टे वितरित किए गए थे, जहां अब टाटा कंपनी द्वारा न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित है. ग्रामीणों का सवाल है कि जब सरकार की कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें पट्टे दिए जा चुके हैं, तो फिर वन और राजस्व विभागों द्वारा टाटा कंपनी को किस आधार पर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया. भू-अधिकार और वन अधिकार के मुद्दों पर मुखर रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने कहा कि सरकार कई तय मापदंडों पर खरी नहीं उतरती है और यह न्यूक्लियर पावर प्लांट जबरन गांव के आदिवासियों और आम नागरिकों पर थोपा जा रहा है. उधर कांग्रेस का भी धरना पिछले कई दिनों से प्रस्तावित स्थल पर चल रहा है.
