विशाखापटट्नम, 09 अक्टूबर (वार्ता) आठवें नंबर की बल्लेबाज ऋचा घोष ने बेहतरीन और आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 94 रन बनाकर भारत को खराब स्थिति से उबारकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महिला विश्व कप मुकाबले में गुरूवार को 49.5 ओवर में 251 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा दिया।
ऋचा जब बल्लेबाजी करने उतरीं तब भारत अपने छह विकेट 102 रन पर गंवाकर संघर्ष कर रहा था। लेकिन ऋचा ने 77 गेंदों की अपनी पारी में 11 चौके और चार छक्के लगाकर भारत को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचा दिया। ऋचा ने अमनजोत कौर के साथ सातवें विकेट के लिए 51 रन और स्नेह राणा के साथ आठवें विकेट के लिए 88 रन जोड़े।
अमनजोत ने 13 और स्नेह राणा ने 24 गेंदों में छह चौकों की मदद से 33 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारत के स्कोर में 24 वाइड सहित 25 अतिरिक्त रनों का भी अहम योगदान रहा।
एक समय लग रहा था कि भारत 200 के आसपास भी नहीं पहुंच पाएगा क्योंकि ट्राइऑन और म्लाबा के दोहरे झटकों की बदौलत भारत 102 के स्कोर पर अपने छह विकेट गंवा चुका था। लेकिन यहां से ऋचा घोष और अमनजोत ने भारत की पारी को संभाला और फिर स्नेह राणा और घोष के बीच 88 रनों की साझेदारी हुई। घोष ने 94 रनों की यादगार पारी खेली जो आने वाले लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
बल्लेबाजी के लिए उतरी भारत ने पावरप्ले में 55/0 का स्कोर बनाकर ठोस शुरुआत की। भारत इस टूर्नामेंट में दो मैचों में बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजों के सामने सात विकेट गंवा चुका था। इसलिए, इस बात पर काफी ध्यान था कि वे दो दक्षिण अफ़्रीकी बाएं हाथ की स्पिनरों के ख़िलाफ कैसा प्रदर्शन करेंगे। 11वें ओवर में म्लाबा को मैदान में उतारा गया और उन्होंने अपनी दूसरी ही गेंद पर मंधाना को आउट कर दिया, जो बड़ा शॉट खेलने की कोशिश कर रही थीं। इसके बाद, प्रोटियाज ने रनों के प्रवाह को कम कर दिया और दबाव भारत पर आ गया।
घरेलू टीम 83/1 से 102/6 पर आ गई। म्लाबा और ट्राइऑन ने दो-दो विकेट लिए, जबकि सेखुखुने और काप ने एक-एक विकेट लिया। भारत की सलामी बल्लेबाज प्रतीका रावल ने 37 और स्मृति मंधाना ने 23 रन बनाये। ट्राइऑन 32 रन पर तीन विकेट लेकर सबसे सफल रहीं।
