
सिंगरौली । दांपत्य प्रेम, अटूट विश्वास और पति की दीर्घायु की कामना का प्रतीक करवा चौथ का व्रत कल दिन गुरुवार 29 अक्टूबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर रखा जाएगा। ज्योतिषाचार्य पं. डॉ. एनपी मिश्र महाप्रबंधक शिवधाम मंदिर बैढ़न के अनुसार यह पर्व भारतीय संस्कृति में धार्मिक आस्था, त्याग, समर्पण और पारिवारिक परंपराओं का विशिष्ट प्रतीक है। करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:10 बजे से रात 8:20 बजे तक रहेगा। चंद्रोदय शाम 7:57 बजे होगा। इस अवसर पर महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली की कामना करेंगी।
चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण किया जाएगा। करवा चौथ पर वीरवती की कथा सुनने की परंपरा है। मान्यता के अनुसार वीरवती ने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखा था। चंद्रमा निकलने का भ्रम होने पर व्रत खुलने के बाद पति पर संकट आया,लेकिन वीरवती की श्रद्धा और प्रार्थना से संकट दूर हुआ। डॉ. मिश्र के अनुसार यह पर्व पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं के साथ पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास, पारस्परिक सम्मान और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है।
