चक्रवात ‘अर्नब’: ओडिशा ने 31,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला, 315 आपदा प्रतिक्रिया टीमें तैनात

भुवनेश्वर, 28 अक्टूबर (वार्ता) ओडिशा सरकार ने गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से प्रभावित जिलों से 31,255 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 315 आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया है।

दक्षिण और पश्चिमी ओडिशा के कई हिस्सों में हो रही भारी बारिश के बीच राज्य सरकार ने आपातकालीन तैयारियों, बचाव अभियानों और आवश्यक सेवाओं की बहाली को तेज कर दिया है।

मुख्य सचिव अनु गर्ग ने राज्य की तैयारियों, निकासी उपायों और आपदा के बाद की बहाली योजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया कि प्रशासन ने आपातकालीन टीमों को सक्रिय कर संवेदनशील आबादी को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है। चिन्हित की गई 4,139 गर्भवती महिलाओं में से 2,245 को सुरक्षित रूप से नजदीकी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया गया है।

आपदा स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा आपदा त्वरित प्रतिक्रिया बल की 62 टीमें, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की नौ टीमें और 244 अग्निशमन सेवा टीमों को तैनात किया गया है। आपदा प्रबंधन कार्यों की देखरेख सीधे मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी कर रहे हैं।

विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, 31,255 विस्थापित लोगों को आठ प्रभावित जिलों में बने 324 चक्रवात आश्रय स्थलों में ठहराया गया है। यदि और लोगों को निकालने की आवश्यकता पड़ती है, तो राज्य ने 141 स्थायी और 1,926 अस्थायी सुविधाओं सहित कुल 2,067 आश्रय स्थल तैयार रखे हैं। इसके अलावा, समुद्र और चिलिका झील से 19,143 मछुआरों की नौकाओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है।

इस चक्रवात के कारण राज्य में औसतन 23.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। कोरापुट जिले के पोटांगी ब्लॉक में सबसे अधिक 188 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद गजपति जिले के मोहना में 182.4 मिमी और गंजम ब्लॉक में 161.4 मिमी बारिश हुई। जिलों में गजपति में सर्वाधिक औसतन 121.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

राज्य सरकार ने आपदा प्रतिक्रिया के हिस्से के रूप में, 1,510 पावर चेनसॉ, 225 टॉइंग टेंडर, 110 नौकाएं, 135 डीवाटरिंग पंप और 225 टावर लाइट जुटाई हैं ताकि सड़क की सफाई और जल निकासी का काम तेजी से हो सके। सरकार ने आठ प्रभावित जिलों के लिए 19 करोड़ रुपये की राहत सहायता भी स्वीकृत की है।

इस बीच, दक्षिणी ओडिशा वितरण उपयोगिता द्वारा संचालित क्षेत्रों में बिजली बहाली का काम तेजी से चल रहा है, जहां प्रभावित 20,19,124 उपभोक्ताओं में से 13,20,705 (65.41 प्रतिशत) की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य में अब तक किसी बड़े नुकसान या जानमाल की हानि की खबर नहीं है।

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