बीते 3 महीने में बागली नगर एवं क्षेत्र में 70 से अधिक नगरी को का हो गया निधन 

बागली। 15 अगस्त 2026 के बाद से बागली नगर और उससे जुड़े आसपास के क्षेत्रो में 30 वर्ष से 70 वर्ष की उम्र के बीच के नागरिकों की मौत का सिलसिला अभी भी जारी है। 3 महीने में अकेले बागली में 47 व्यक्ति हिंदू परिवारों के एवं सात नागरिक मुस्लिम परिवारो से तथा दो नागरिक सिख परिवारो से दुनिया को अलविदा कह गए , बागली मुक्तिधाम सेवा समिति से जुड़े सक्रिय सदस्य राज कुमार चावढ़ा ने बताया कि बागली शमशान में चीता की अग्नि पूरी तरह 3 महीने में कभी भी शांत नहीं हो पाई अंतिम संस्कार में जिन लकडी़यों का उपयोग आगामी 2 वर्ष तक निश्चिंत्यता के किया जाना था ,उनकी भंडारण क्षमता 2 वर्ष से अधिक की थी। लेकिन विधि के विधान के चलते वर्तमान में लकडी़यों की यकायक कमी आ गई है। इस प्रकार छतरपुरा नयापुरा बेहरी रामपुरा मालीपुरा से मिले समाचार के अनुसार वहां भी बीते 3 महीने में पांच पांच से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु प्रत्येक ग्राम पंचायत में हुई है। इसमें अधिकतर मामले दुर्घटना से जुड़े हुए बताए गए लोगों का कहना है कि यदि ऐसा ही विधि का विधान जारी रहा तो इस बार रंगों का पर्व होली बागली में कम से कम नहीं मना पाएंगे कारण यह की प्रत्येक परिवार में कोई ना कोई जनहानि हुई है और उनका पहला त्यौहार रहेगा। बागली चिकित्सकों ने बताया कि शासकीय रिकॉर्ड के अनुसार बीते 3 महीना में 16 से अधिक पोस्टमार्टम के मामले आए हैं जो संभवत दुर्घटना से जुड़े थे। और दो मामले आत्महत्या से जुड़े थे। बागली थाने के रिकॉर्ड अनुसार बीते 3 महीना में सात लोगों की मृत्यु बागली थाने से बाहर दुर्घटना के चलते अन्य स्थान पर हुई है। जिनका मर्ग कायम किया गया। पंडित चंद्र प्रकाश शास्त्री के अनुसार उन्होंने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि इन लोगों में अधिकतर लोग अल्प आयु के रहे जिनका दुख पूरे समाज में हमेशा रहेगा

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जबलपुर। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए दीपावली का त्यौहार इस बार और भी खास होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (डीआर) में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी को मंजूरी […]

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