
पटना, 27 अक्टूबर (वार्ता) बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने मंगलवार को कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब कृषि और किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
श्री हसनैन ने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है और आने वाले 20 वर्षों तक कृषि उत्पादन को प्राथमिकता देते हुए तकनीक, शिक्षा, उद्योग और अनुसंधान से जोड़ना आवश्यक है।
राज्यपाल ने आज बिहार लोक भवन में ‘इन्फाइनाइट न्यू इंडिया विकसित भारत@2047’ की ओर से आयोजित ‘किसान सम्मान एवं कृषि विकास विमर्श’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत तेजी से आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन समग्र विकास के लिए कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना जरूरी है।
श्री हसनैन ने 27 अक्टूबर के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1947 में इसी दिन भारतीय सेना की पहली टुकड़ी श्रीनगर पहुंची थी। उन्होंने ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि बाद में इसमें ‘जय विज्ञान’ भी जोड़ा गया। जवान, किसान और विज्ञान देश की प्रगति के प्रमुख आधार हैं।
राज्यपाल ने चीन के कृषि विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां वर्ष 1978 में आधुनिकीकरण की शुरुआत के दौरान कृषि को विशेष महत्व दिया गया। किसानों को तकनीक, ऋण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इससे स्पष्ट होता है कि देश के समग्र विकास के लिए कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना और किसानों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
