पानी नहीं मिलने से त्रस्त नयापुरा में कई लोगों ने कनेक्शन कटवाए

इंदौर:नगर निगम द्वारा शहर में नर्मदा का चौथा चरण शुरू करने की तैयारी की जा रही है, जबकि शहर के कई क्षेत्रों में तीसरा चरण ही सफल नहीं हो पाया है. तीसरे चरण की असफलता नयापुरा क्षेत्र में भी साफ देखी जा सकती है. इस क्षेत्र में वर्षों से पानी की किल्लत बरकरार है. त्रस्त होकर कई लोगों ने तो अपने घर में लगे नल कनेक्शन ही कटवा दिए.
नर्मदा परियोजना के तीसरे चरण को सफल बताया जा रहा है, लेकिन वार्ड 56 अंतर्गत आने वाले नयापुरा की स्थिति इन दावों की जमीनी हकीकत उजागर कर रही है. करीब छह हजार की आबादी और नौ गलियों वाले इस क्षेत्र में आज भी पर्याप्त पानी के लिए लोग परेशान हैं. नर्मदा लाइन से आधे घंटे की सप्लाई में शुरुआती 10-15 मिनट दूषित पानी आता है, जबकि शेष समय आने वाला पानी जरूरत पूरी नहीं कर पाता. क्षेत्र में मौजूद सरकारी बोरिंग भी नियमित राहत नहीं दे पा रहे हैं, अधिकांश समय खराब रहने वाले बोरिंग के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए आसपास के क्षेत्रों तक जाना पड़ता है. कई बार दो किलोमीटर दूर से पानी लाने की मजबूरी बनती है. रहवासियों द्वारा पार्षद, जोन और नगर निगम कार्यालय में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन समाधान नहीं हुआ. हालात ऐसे बने कि कुछ लोगों ने नर्मदा कनेक्शन तक कटवा दिए. सवाल है जब तीसरा चरण सफल है तो नयापुरा क्षेत्रों में पानी क्यों नहीं है?

यह बोले रहवासी…

महीने भर में आठ दिन अगर नल आ जाएं तो बड़ी बात है. परेशान होकर दो साल पहले हमने नल कनेक्शन ही कटवा दिया. अब पानी का निजी टैंकर पैसे देकर बुलवाते हैं और गुजारा कर रहे हैं.
– मोहम्मद जावेद अंसारी

नलों से 15 से 20 मिनट पानी ही मिलता है, बाकी इधर-उधर से पानी लाकर काम चलाते हैं. पानी की किल्लत बढ़ेगी तो पिछली बार जैसे फिर से पैसे देकर पानी के टैंकर बुलवाना पड़ेंगे.
– मोहम्मद उमर

नगर निगम के जो टैंकर आते हैं, वह पैसे लेकर प्राइवेट जगह डाल देते हैं. चुनाव के बाद से पार्षद के दर्शन तक नहीं हुए. हर संबंधित जगह फोन लगाकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई.
– मोहम्मद रफीक अंसारी

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