भुवनेश्वर, कांग्रेस के नेतृत्व वाले I.N.D.I.A. गठबंधन द्वारा बुलाए गए 12 घंटे के राज्यव्यापी ओडिशा बंद का असर आज सुबह से ही पूरे राज्य में व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाले इस बंद में कांग्रेस के साथ-साथ सीपीआई, सीपीआई (एम), समाजवादी पार्टी, आरजेडी और एनसीपी (शरद पवार) समेत कई घटक दल शामिल हैं। विपक्षी दलों ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया, माइंस एंड मिनरल्स अमेंडमेंट एक्ट, स्कूल की किताबों में त्रुटियों और बाढ़ सहायता जैसे अहम मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। भुवनेश्वर में विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास के पास बड़े प्रदर्शन आयोजित किए गए, जबकि संबलपुर में भी कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर विरोध जताया।
सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक गतिविधियां ठप, सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच बीजेडी ने बनाई दूरी
बंद के आह्वान के चलते राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही बाधित हुई है, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रमुख शहरों में बाजार, खुदरा दुकानें और निजी संस्थान या तो बंद रहे या वहां कामकाज आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, अस्पताल, दवा की दुकानें, बिजली, पानी और दूध आपूर्ति को इस बंद के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। आम जनजीवन की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य गृह विभाग के निर्देश पर रेलवे स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दूसरी ओर, नवीन पटनायक की पार्टी बीजेडी ने इस बंद से अपनी दूरी बनाए रखने का फैसला किया है।
विपक्ष की मुख्य मांगें और राजनीतिक हलचल, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और सुधारों की उठाई गई आवाज
इस 12 घंटे के बंद के पीछे मुख्य रूप से एमएमडीआर एक्ट में संशोधन के जरिए स्थानीय आदिवासी समुदायों के अधिकारों के अतिक्रमण का विरोध, स्कूल की किताबों में पाई गई गंभीर गलतियों के लिए जवाबदेही और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग शामिल है। विपक्षी दलों का दावा है कि नए कानून से राज्य की आर्थिक स्वायत्तता कमजोर हो रही है। बंद को सफल बनाने के लिए कल शाम राजधानी में एक बड़ा मशाल जुलूस भी निकाला गया था। प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

