बागली:विजयादशमी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को बागली नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। पथ संचलन में नगर के सैकड़ों स्वयंसेवकों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता एवं नगर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
पथ संचलन का शुभारंभ स्थानीय गड़ी चौक परिसर से हुआ। स्वयंसेवक अनुशासित एवं निर्धारित गणवेश में कदमताल करते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से निकले। संचलन के दौरान नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
पथ संचलन गड़ी चौक से प्रारंभ होकर इनाणी चौराहा, मुख्य बाजार, गांधी चौक, मस्जिद वाली गली, शिवाजी चौराहा, गांधी कॉलोनी, शिवाजी चौराहा, कालका माता मंदिर के पास से माली मोहल्ला, पीपल चौराहा, बाबा रामदेव मंदिर, गांधी चौक, छत्रपति हनुमान मंदिर के पास से यादव मोहल्ला, इमली चौराहा, जगदीश मंदिर के पास वाली गली, बावड़ी चौराहा एवं वार्ड क्रमांक 01 होते हुए पुनः गड़ी चौक पहुंचा, जहां पथ संचलन का समापन हुआ।
यह मंचासीन रहे अतिथियों का परिचय बागली नगर कार्यवाह गुरुदत्त सिंह डाबी के द्वारा कराया गया
कार्यक्रम में विशेष अतिथि महंत बद्रीदास जी त्यागी महाराज 108, जटाशंकर तीर्थ बागली का मंचीय सानिध्य प्राप्त हुआ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंतर्राष्ट्रीय खो खो खिलाड़ी श्री सचिन भार्गव रहे। सचिन भार्गव आदिवासी बहुल ग्राम कटुकिया के निवासी हैं, तथा वर्तमान में मुंबई आयकर विभाग में कार्यरत हैं। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खो-खो खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने भारतीय खो-खो टीम का नेतृत्व करते हुए दिल्ली में आयोजित खो-खो वर्ल्ड कप में कप्तानी की, जिसमें भारतीय टीम विजेता रही। उन्हें दो पदक तथा विक्रम अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
इसके अलावा मंच पर श्री राकेश खराडिया, सह नगर कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा मुख्य वक्ता श्री सागर जी सानप , जिला प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कन्नौद जिला उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने विजयादशमी पर्व के महत्व तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर संघ के कार्यों और सामाजिक दायित्वों पर प्रकाश डाला। पथ संचलन में नगर के प्रमुख गणमान्य नागरिकों, कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े नागरिकों की सह भागिता रही।पथ संचलन के दौरान नगर का वातावरण उत्साह एवं अनुशासन से भर गया। नगरवासियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया गया। आयोजन का समापन गड़ी चौक पर हुआ। इस बार भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 85 वर्ष के वरिष्ठ से लेकर 3 वर्ष की आयु तक के स्वयंसेवक शामिल हुए अनुमानित संख्या 800 से अधिक रही
