
सरई । अमिलिया कोल माइंस परियोजना से प्रभावित और विस्थापित परिवारों की लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर ग्राम पंचायत तेन्दुहा के सरपंच छोटे सिंह मरावी ने कलेक्टर सिंगरौली को सूचना पत्र सौंपा है। पत्र में बताया गया है कि पूर्व में कई बार आवेदन, निवेदन और बैठकों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसके विरोध में 27 अक्टूबर से परियोजना में चल रहे समस्त कार्य बंद कराकर शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन अनशन एवं प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है। आंदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की होने की बात भी पत्र में कही गई है।
यह मामला टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की अमिलिया कोल माइंस परियोजना के ग्राम पिड़रवाह और विस्थापित परिवारों से जुड़ा है। सरपंच ने कलेक्टर को दिए पत्र में 30 बिंदुओं के माध्यम से प्रभावितों की समस्याएं उठाई हैं। प्रमुख मांगों में विस्थापन सूची से छूटे परिवारों के नाम जोड़कर उन्हें संपूर्ण लाभ दिलाना, पात्र परिवारों को लंबित मुआवजे का भुगतान, विस्थापितों एवं भू-विस्थापितों को रोजगार तथा पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले भत्ते और सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है। पत्र में पचौर-तेन्दूरडोल विस्थापित कॉलोनी में गुणवत्तापूर्ण विद्यालय का संचालन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे चिकित्सक और एंबुलेंस की व्यवस्था, कॉलोनी की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल, जर्जर विद्यालय भवन की जांच तथा खुली नालियों को ढंकने की मांग की गई है। इसके अलावा सड़क, बिजली, पानी, राशन दुकान, आंगनवाड़ी, खेल मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
कंचन नदी को सुरक्षित रखने पर जोर
भूस्वामियों को भू-विस्थापित का दर्जा देने, वर्ष 2017-18 के सर्वे में छूटे मकानों का भुगतान, लंबित परिसंपत्ति मुआवजा, प्रभावित फसलों की क्षतिपूर्ति, स्थानीय विस्थापितों को ठेका कार्यों में प्राथमिकता और मजदूरी दरों के अनुसार भुगतान की मांग भी उठाई गई है। पचौर रेलवे अंडरब्रिज में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए ओवरब्रिज निर्माण, पुनर्वास कॉलोनी में पुलिस चौकी तथा कंचन नदी को सुरक्षित रखने की मांग भी पत्र में शामिल है। सरपंच ने चेतावनी दी है कि मांगों का निराकरण नहीं होने पर 27 अक्टूबर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। अब संबंधित प्रशासन और टीएचडीसी प्रबंधन की ओर से इन मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर प्रभावित परिवारों की नजर रहेगी।