सतना : देशभर में सीमेंट सिटी के नाम से मशहूर जिला खनिज संपदा के चलते इन दिनों खनिज माफियाओं की अवैध गतिविधियों का मुख्य केंद्र बन चुका है. जिले में प्रचुर मात्रा में मौजूद बेशकीमती प्राकृतिक संसाधनों का सुनियोजित तरीके से अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है. जिससे सरकारी खजाने को हर महीने करोड़ों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. स्वीकृत खदानों की आड़ और नियमों को दरकिनार कर ग्रामीण और सीमावर्ती अंचलों में भारी मशीनों के जरिए दिन-रात खनन का खेल बेखौफ जारी है.
जिले का प्रमुख औद्योगिक आधार माना जाने वाला चूना पत्थर जो दर्जनों सीमेंट फैक्ट्रियों की रीढ़ है माफियाओं की अंधाधुंध खुदाई का सबसे बड़ा शिकार बना हुआ है. इसके अलावा एल्युमिनियम के कच्चे अयस्क बॉक्साइट और सीमेंट व इस्पात उद्योग में बहुतायत से उपयोगी डोलोमाइट को बिना किसी वैध रॉयल्टी पर्ची के परिवहन किया जा रहा है. जिले की पहचान से जुड़े विशिष्ट खनिज रंगद्रव्य गेरू और चीनी मिट्टी यानी सफेद मिट्टी के समृद्ध भंडारों पर भी अवैध खदानें संचालित कर रोजाना सैकड़ो वाहन निकाले जा रहे हैं. इसी तरह लौह और एल्युमिनियम ऑक्साइड युक्त लैटेराइट मिट्टी का औद्योगिक उपयोग के लिए मनमाना दोहन हो रहा है तो दूसरी ओर नदियों और तटीय क्षेत्रों से भारी पोकलेन मशीनों के जरिए साधारण रेत का अवैध खनन कर प्राकृतिक जलधाराओं और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है.
अवैध रूप से निकाले गए इन खनिजों का परिवहन बिना वैध ई-ट्रांजिट पास के ओवरलोड डंपरों और ट्रकों के जरिए किया जा रहा है. रात के अंधेरे से लेकर दिन के उजाले तक मुख्य मार्गों और ग्रामीण सड़कों पर बेधड़क दौड़ते इन भारी वाहनों के कारण सड़कें समय से पहले जर्जर हो चुकी हैं और धूल के गुबार से ग्रामीण त्रस्त हैं.
वही जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर सख्त रुख अपनाते हुए खनिज विभाग ने 89 मामलों पर कुल 147.93 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है.विभाग द्वारा चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान इन वाहनों को नियमों के उल्लंघन, ओवरलोडिंग ,अवैध उत्खनन और बिना वैध परिवहन पास के सामग्री ले जाते हुए पकड़ा गया था.
कार्रवाई के तहत अधिकांश मामलों में अर्थदंड की राशि सरकारी खाते में जमा करा ली गई है. लेकिन 6 मामलों में प्रकरणों में अब भी 13.95 लाख रुपये की वसूली बकाया है. विभाग ने संबंधित वाहन स्वामियों को शेष राशि शीघ्र जमा करने के कड़े निर्देश दिए हैं. अधिकारियों के अनुसार यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर जुर्माना नहीं चुकाया गया तो राजस्व वसूली नियमों के तहत संपत्ति कुर्क करने जैसी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
इनका कहना
जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहे इस पर खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है.
घनश्याम सिंह यादव
जिला खनिज अधिकारी
