नरसिंहगढ़: त्यौहारों पर उत्सव मनाने और परंपरा निभाने के लिए लोग खतरों से भी गुजरने को तैयार रहते है. मामला सामने आया नरसिंहगढ़ के समीप बैरसिया मार्ग पर बराबठा की पुलिया पर. कम दूरी का सफर तय करने की मजबूरी में राहगीर नरसिंहगढ़ से 10 किमी दूर पार्वती नदी के क्षतिग्रस्त पुल से जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर है.गौरतलब है कि नरसिंहगढ़ से करीब 10 किमी दूर बरायठा के यहां पार्वती नदी का पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद इस पर से भारी वाहनों की आवाजाही को सुरक्षा की दृष्टिसे बंद कर दिया गया था. हालांकि धीमी गति एवं सावधानी पूर्वक दुपहिया वाहनों की आवाजाही जारी है.
बड़े वाहनों की आवाजाही बंद होने पर अधिकांशतः लोग दुपहिया वाहनों से आ-जा रहे है. यही कारण है कि क्षतिग्रस्त पुल पर आये दिन वाहनों से भारी जाम की स्थिति निर्मित हो रही है. गुरुवारको भी यहां भारी जाम लगा रहा.गौरतलब है कि बरायठा के यहां पार्वती नदी पुल से होकर रुनाया, बड़ा बैरसिया एवं भोपाल तथा नजीराबाद लटेरी, मधुसूदनगढ़, सुठालिया की और जाता है. पुल से इन स्थानों की दूरी कम है यही कारण है कि लोग जोखिम उठाकर क्षतिग्रस्त पुल से होकर आने-जाने को मजबूर है.
इसी वर्ष जनवरी माह में तकनीकि रुप से आवागमन के लिए उपयुक्त नहीं होने तथा सुरक्षा की दृष्टि से विशेषज्ञों के द्वारा परीक्षण उपरांत पुल पर से बस, बड़े भारी वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया गया था. दुपहिया वाहन ही यहां से निकाले जा रहे है.
पुल पर बना रहता जोखिम
जाम के चलते पुल पर बड़ी संख्या में दुपहिया वाहनों का जमावड़ा हो जाता है. ऐसे में क्षतिग्रस्त पुल पर भारी आवाजाही के कारण जाम के हालातों से जोखिम बना रहता है. वहीं समीप रपटे पर से कई भारी वाहनों को भी जोखिम उठाकर आते-जाते हुए देखा जा सकता है जबकि रपटे पर पानी भरा हुआ है. वाहनों को जोखिम उठाकर निकलते हुए देखा गया है. बड़े वाहनों की आवाजाही बंद होने पर अधिकांशतः लोग दुपहिया वाहनों से आ-जा रहे है. यही कारण है कि क्षतिग्रस्त पुल पर आये दिन वाहनों से भारी जाम की स्थिति निर्मित रहती है.
