
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल में कर्मचारियों के लंबित तबादलों, रेल आवासों की मरम्मत, चिकित्सा संबंधी मामलों और पदोन्नति में देरी जैसे मुद्दे महाप्रबंधक स्तर की बैठक में उठाए गए। 7 और 8 अक्टूबर को आयोजित महाप्रबंधक पीएनएम बैठक में रेल मजदूर संघ के महामंत्री एवं एनएफआईआर के संयुक्त महामंत्री अशोक शर्मा तथा अध्यक्ष सी.एम. उपाध्याय ने कर्मचारियों की समस्याएं महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह के सामने रखीं। महाप्रबंधक ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर कई मामलों में समाधान के निर्देश देने की बात कही।
बैठक में भोपाल और कोटा कारखानों, इंजीनियरिंग विभाग, ट्रैक मशीन एवं ब्रिज विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा हुई। जीडीसीई भर्ती का नोटिफिकेशन शीघ्र लागू करने, कर्मचारियों को सुरक्षा जूते उपलब्ध कराने, रेल आवासों के बेहतर रखरखाव और स्थानांतरण आवेदनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की मांग रखी गई। जबलपुर, सतना और कटनी मुड़वारा के स्टेशन मैनेजर पैनल कक्षों को वातानुकूलित करने तथा रनिंग रूम में बिना सब्सिडी वाला भोजन उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठा। मेडिकल डिजिटाइजेशन से जुड़े लंबित प्रकरणों, लंबे समय से सिक चल रहे कर्मचारियों, ड्यूटी करने में असमर्थ रेलकर्मियों और फिटनेस संबंधी मामलों पर भी चर्चा हुई। संघ ने महिला कर्मचारियों के कैडर परिवर्तन, रोटेशनल तबादलों में अनियमितताओं पर रोक और सीसीटीसी में चयनित कर्मचारियों को समय पर रिलीव करने की मांग रखी। पदोन्नति में दो-दो साल की देरी पर भी नाराजगी जताई गई। इसके अलावा रनिंग कर्मचारियों की समस्याओं, रेस्ट हाउस में भोजन की गुणवत्ता, स्टेशनों और रेलवे कॉलोनियों की सफाई तथा रेलवे स्टेशनों की हेल्थ यूनिट का निजी अस्पतालों से अनुबंध करने का विषय उठाया गया। टीटीई रेस्ट हाउस में रनिंग रूम की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
इनकी रही उपस्थिति
बैठक में रेल मजदूर संघ के अध्यक्ष सी.एम. उपाध्याय, कोटा मंडल अध्यक्ष संतोष यादव, महेन्द्र सिंह खींची, मंडल सचिव अब्दुल खालिक, एस.एन. शुक्ला, एम.एस. पुरी, संदीप श्रोती, सतीश कुमार, अनिल सैनी, मनोज अग्रवाल, संतोष चतुर्वेदी, अनुरुद्ध सोनी, आर.सी. मीणा, मो. अफजल, आर.ए. सिंह, सविता त्रिपाठी, डॉली सक्सेना, पुष्पलता पाठक, निशा माल्या, सिया पचौरी और सज्जन कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
