पुडुचेरी, 09 अक्टूबर (वार्ता) सैम कॉन्स्टास (67), जॉश फिलिपे (58) की अर्धशतकीय पारियों और स्पेंसर जॉनसन (नाबाद 14/ तीन विकेट) के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ए ने शुकवार को दूसरे एकदिवसीय अनौपचारिक मुकाबले में भारत ए को 69 रनों से हराया। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ए ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली है। पहले वनडे में रफ्तार और उछाल के सामने बुरी तरह बिखरने के बाद भारत ए को दूसरे मैच में भी उसी परेशानी से गुज़रना पड़ा। पहले मैच के हीरो रहे महली बियर्डमैन को आराम दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया ए ने तेज रफ्तार और उछाल से भारत ए की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया।
276 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ए का स्कोर 59 रन पर चार विकेट हो गया था। इसके बाद मेजबान टीम के लिए वापसी का कोई रास्ता नहीं बचा, हालांकि रजत पाटीदार ने 82 गेंदों पर 67 रन बनाए। पाटीदार ने पहले मैच में भी अर्धशतकीय पारी खेली थी और इस मैच में भी उन्होंने संघर्ष किया। पाटीदार की पारी पर स्पेंसर जॉनसन ने विराम लगाया। जॉनसन की गेंद पिच पर पड़ने के बाद तेजी से उछली और पाटीदार पुल शॉट खेलने के चक्कर में गेंद को ठीक से टाइम नहीं कर सके। गेंद डीप स्क्वेयर लेग पर चली गई और उनकी पारी ख़त्म हो गई। पाटीदार भारत ए के इकलौते बल्लेबाज रहे जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण का डटकर सामना किया। इसके बाद भारत ए की हार लगभग तय हो गई थी। मेज़बान टीम आखिरकार 206 रन पर ऑलआउट हो गई, जबकि उसकी पारी में करीब पांच ओवर शेष थे।
ऑस्ट्रेलिया ए ने इस दिन के मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने का फ़ैसला किया। पहला वनडे दिन-रात का मुकाबला था। जहां सलामी बल्लेबाज़ सैम कॉन्स्टास और नंबर 3 पर बल्लेबाज़ी करने वाले जॉश फिलिपे के अर्धशतकों की बदौलत टीम ने 275 रन बनाए थे।
जॉनसन ने ऑस्ट्रेलिया ए की जीत में तीन विकेट लिए और उन्हें बेन ड्वारश्विस और राइली मेरेडिथ का अच्छा साथ मिला। जॉनसन ने खास तौर पर शुरुआती ओवरों में दबदबा बनाया। पांचवें ओवर में उन्होंने देवदत्त पड़िक्कल को शॉर्ट गेंद पर अपर कट खेलने के लिए मजबूर किया, जिस पर गेंद डीप थर्ड पर चली गई और उनका विकेट गिर गया।
275 के जवाब में भारत की पारी शुरू से ही लड़खड़ाती दिखी, भारत ए का स्कोर 110 रन पर पांच विकेट हो गया था। लगातार विकेट गिरने से भारत ए की पारी में ऐसा दौर आया, जब टीम करीब 13 ओवर तक कोई बाउंड्री नहीं लगा सकी। 19वें ओवर में पाटीदार ने जॉनसन की गेंद पर घूमकर पुल शॉट खेला और चौका लगाकर इस सूखे को ख़त्म किया। इसके कुछ ही देर बाद उन्होंने मेरेडिथ की गेंद को मजबूती से पंच करते हुए एक और चौका लगाया और लगातार दूसरा अर्धशतक पूरा किया।
ऑस्ट्रेलिया ए के तेज गेंदबाजों ने जहां पिच पर ज़ोर से गेंद पटककर धीमी और सूखी सतह के असर को लगभग ख़त्म कर दिया। वहीं भारत ए ने इसका फायदा उठाने के लिए स्पिनरों पर भरोसा किया। लेग स्पिनर विप्रज निगम और बाएं हाथ के स्पिनर अनुकूल रॉय के साथ-साथ निशांत सिंधु ने भी गेंदबाजी की। इन तीनों स्पिनरों ने बीच के ओवरों और यहां तक कि डेथ ओवरों में भी ऋतुराज गायकवाड़ को कुछ नियंत्रण दिया, लेकिन वे कॉन्स्टास और फ़िलिपे के अच्छे काम को पूरी तरह बेअसर नहीं कर सके। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 116 गेंदों पर 101 रन जोड़े। इससे पहले यश ठाकुर ने मिच ओवेन की पारी को 13 गेंदों पर 25 रन के स्कोर पर ख़त्म कर दिया था। पावरप्ले में कॉन्स्टास ने संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन उसके बाद उन्होंने लेग स्टंप के बाहर जाकर या क्रीज से आगे निकलकर रन बनाने के अवसर बनाये। उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में अपना दूसरा अर्धशतक बनाया। भारत दौरे पर छह पारियों में यह उनका पहला 50 स्कोर था। हालांकि, जब वह बड़ी पारी की ओर बढ़ते दिख रहे थे, तभी अरशद ख़ान ने उन्हें 88 गेंदों पर 67 रन के स्कोर पर आउट कर दिया।
फिलिपे ने भी स्पिन के ख़िलाफ़ काफ़ी सहजता से बल्लेबाज़ी की और उन्हें सिंधु की बाएं हाथ की ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज़ी ख़ास तौर पर पसंद आई। हालांकि सिंधु ने ही उन्हें मिडविकेट पर कैच करा दिया। 207 रन पर तीन विकेट से ऑस्ट्रेलिया ए की पूरी टीम 275 रन पर सिमट गई। लेकिन इसके बावजूद उनके गेंदबाज़ों ने कमाल का पलटवार किया और भारत ए की बल्लेबाजी को बिखेर दिया और एक मैच पहले ही सीरीज अपने नाम कर ली।
