
इंदौर. स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती देने की दिशा में इंदौर को बड़ी सौगात मिलने जा रही है. एमवाय हॉस्पिटल परिसर में प्रस्तावित न्यू एमवाय हॉस्पिटल का भूमिपूजन रविवार को मुख्यमंत्री द्वारा किया. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 1450 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल तैयार किया जाएगा, जिस पर 700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आने का अनुमान है.
एमवाय हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि नया अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा और इसके निर्माण में करीब तीन वर्ष का समय लगेगा. मेडिकल प्रशासन का कहना है कि यह प्रोजेक्ट इंदौर सहित आसपास के जिलों के मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव लाएगा. हालांकि अस्पताल के निर्माण से पहले प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी है. न्यू एमवाय हॉस्पिटल के लिए चिन्हित करीब 8 एकड़ भूमि पर 12 से अधिक अतिक्रमण और अवैध कब्जे हटाने होंगे. इनमें धर्मस्थलों की आड़ में किए गए कब्जे भी शामिल हैं, जिन्हें हटाना प्रशासन के लिए संवेदनशील और कठिन कार्य माना जा रहा है. सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के समीप स्थित जमीन पर अवैध कब्जों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. पूर्व में संभाग आयुक्त दीपक सिंह के संज्ञान में भी इस भूमि पर मौजूद अतिक्रमणों की जानकारी लाई जा चुकी है. इसके अलावा प्रस्तावित क्षेत्र में पुराने एमवाय हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज से जुड़े स्टाफ व विद्यार्थियों के हॉस्टल, कैंसर हॉस्पिटल सहित 10 से अधिक पुराने भवन और अस्पतालों को भी तोड़ा जाना शेष है. इन तमाम चुनौतियों के बीच आज होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री न्यू एमवाय हॉस्पिटल का भूमिपूजन करेंगे, जिसके साथ ही इंदौर में स्वास्थ्य अधोसंरचना को नई दिशा देने वाले इस प्रोजेक्ट की औपचारिक शुरुआत होगी.
