पुणे (वार्ता) पुणे की विशेष सांसद-विधायक अदालत में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में विनायक दामोदर सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर ने गोपाल गोडसे की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की तुलना चोरों से करने वाली टिप्पणियों के बारे में कुछ कहने से मना कर दिया।
श्री राहुल गांधी के अधिवक्ता मिलिंद पवार ने यह बात कही है।
इस मामले में शिकायत करने वाले सत्यकी सावरकर से अधिवक्ता पवार ने न्यायमूर्ति अमोल श्रीराम शिंदे के सामने सवाल जवाब किये।
यह मामला स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के खिलाफ कथित मानहानि वाली टिप्पणी से जुड़ा है।
जिरह के दौरान सावरकर की लिखावट और उनके राजनीतिक और सामाजिक विचारों के बारे में सवाल उठाए गए। सत्यकी सावरकर इस बात से सहमत थे कि “हिंदुत्व” सावरकर की विचारधारा का एक अहम हिस्सा था।
जिरह के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदायों से जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर सावरकर की लिखी बातों और “हिंदू राष्ट्र” और “हिंदुत्व” पर उनकी लिखी बातों का भी ज़िक्र किया गया।
अधिवक्ता पवार ने सत्यकी सावरकर के दादा गोपाल गोडसे के एक साक्षात्कार का भी ज़िक्र किया और उनसे उन बातों के बारे में पूछा जिनमें गोडसे ने कथित तौर पर आरएसएस की तुलना चोरों से की थी।
बातों पर उनकी राय पूछे जाने पर सत्यकी सावरकर ने जवाब दिया, “मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।”
शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता संग्राम कोल्हटकर ने सवाल पर आपत्ति जताई।
मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।
