वॉशिंगटन, (वार्ता) अमेरिका ने गुरुवार को कई बड़ी आईटी कंपनियों को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (पीईआरएम) से निलंबित कर दिया है।
इन कंपनियों में कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी शामिल हैं। इन कंपनियों पर विदेशी कर्मचारियों को वहां स्थायी नौकरी के लिए प्रणाली का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है।
माइक्रोसॉफ्ट और एडोब को भी कार्यक्रम के ज़रिए स्थायी नौकरी चाहने वाले एच-1बी कर्मचारियों को प्रायोजित करने से रोक दिया गया था।
अमरीकी श्रम मंत्री कीथ सोंडरलिंग ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ इस कदम की घोषणा की और कंपनियों पर रोजगार वीज़ा कार्यक्रम का गलत इस्तेमाल करने और अमेरिकी कर्मचारियों से नौकरियां छीनने का आरोप लगाया।
श्री सोंडरलिंग ने कहा, “मैं दुनिया की कुछ सबसे बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग फर्मों, कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी को पीईआरएम से निलंबित कर रहा हूं।” उन्होंने आगे कहा, “हम इन कंपनियों से जुड़े किसी भी नए या लंबित आवेदन को स्वीकार नहीं करेंगे।”
श्री वैंस ने कहा कि प्रशासन ने ग्रीन कार्ड चाहने वाले एच-1बी कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने की माइक्रोसॉफ्ट की क्षमता को भी रोक दिया है, और कंपनी पर अमेरिकियों के बजाय विदेशी कर्मचारियों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है।
उन्होंने वीज़ा धोखाधड़ी पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “माइक्रोसॉफ्ट को हमारा संदेश है: आप एक बेहतरीन अमेरिकी कंपनी हैं, लेकिन आपको बेहतरीन अमेरिकी कर्मचारियों को काम पर रखना होगा।”
श्री सोंडरलिंग ने बाद में घोषणा की कि एडोब को भी कार्यक्रम से निलंबित किया जा रहा है।
