नयी दिल्ली, (वार्ता) राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे वन्यजीवों की सुरक्षा के उपायों और संरचनाओं पर एक दस्तावेज जारी किया है, जिसमें राजमार्ग विकास के साथ वन्यजीव संरक्षण को संतुलित करने पर जोर दिया गया है।
एनएचएआई के अनुसार पिछले पांच वर्ष में वन्यजीव सुरक्षा से जुड़ी अवसंरचना और पर्यावरण संरक्षण उपायों पर करीब 19,700 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2,150 से अधिक वन्यजीव सुरक्षा संरचनाओं का निर्माण किया गया है और कई प्रस्तावित हैं।
इन राष्ट्रीय राजमार्गों में अंडरपास, ओवरपास, पुलिया, कैनोपी क्रॉसिंग, बाड़ तथा साइनबोर्ड और गति नियंत्रण जैसे उपाय शामिल हैं। वन्यजीवों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए 300 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों पर गाइड फेंसिंग और ध्वनि अवरोधक लगाए गए हैं।
दस्तावेज में कैमरा ट्रैपिंग के जरिए वन्यजीवों की आवाजाही की निगरानी तथा वन्यजीवों और वाहनों की टक्कर वाले संवेदनशील स्थानों पर जरूरी सुरक्षा उपाय करने की भी जानकारी दी गई है।
