सिंगरौली: दूधमनिया तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिधार में दर्जनों आदिवासी परिवारों के मकान गिराने के लिए तहसीलदार द्वारा नोटिस जारी किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को मोर्चा खोल दिया। 5 अक्टूबर को मकान हटाने की कार्रवाई किए जाने की चर्चा के बीच कांग्रेस ने ग्राम पंचायत में पैदल मार्च निकालकर धरना शुरू कर दिया।
हालांकि सुबह 11 बजे तक अतिक्रमण हटाने वाला दस्ता मौके पर नहीं पहुंचा था।जिला कांग्रेस अध्यक्ष सरस्वती सिंह के नेतृत्व में किसान नेता अशोक सिंह पैगाम, जिला पंचायत सदस्य सोमदेव सिंह, वरिष्ठ नेता ब्रह्म राजेश प्रताप सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी और ग्रामीण आंदोलन में शामिल हुए।कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सिधार में कुंदन गोल्ड माइंस परियोजना के चलते दशकों से शासकीय भूमि पर काबिज आदिवासियों को बिना मुआवजा दिए बेदखल किया जा रहा है।
वर्षों से खेती-किसानी और मकान बनाकर रह रहे परिवारों के सामने अब आशियाना उजड़ने का संकट खड़ा हो गया है।कांग्रेस ने सरकार और जिला प्रशासन पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि जब मोरवा में एनसीएल द्वारा शासकीय भूमि के काश्तकारों को पैकेज देने की घोषणा की गई है, तो सिधार के आदिवासियों को मुआवजे से क्यों वंचित किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि सरकार कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के अधिकार और पुनर्वास सुनिश्चित करे, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा।
