दुबई / तेहरान, दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान (FZ1073) के दौरान हुए खौफनाक हमले को लेकर मिडिल-ईस्ट में कूटनीतिक और राजनीतिक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा इस घटना में ईरान की संलिप्तता की आशंका जताए जाने और कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी के बाद अब ईरान का आधिकारिक रुख सामने आया है। ईरानी मीडिया और सरकारी अधिकारियों ने फ्लाईदुबई की इस घटना से किसी भी प्रकार के संबंध को सिरे से खारिज कर दिया है। इसके विपरीत, तेहरान की ओर से एक बड़ा और अजीबोगरीब दावा किया गया है कि इस पूरी घटना के पीछे इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का ही हाथ है, ताकि वे आगामी चुनावों में फायदा उठा सकें और अमेरिका को एक नए संघर्ष में उलझा सकें।
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी से बची 174 यात्रियों की जान, सऊदी अरब में सुरक्षित उतरा था विमान
गौरतलब है कि गत बुधवार को उड़ान के दौरान ओमानी मूल के सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की खतरनाक कोशिश की थी। विमान में चालक दल के सदस्यों समेत कुल 174 लोग सवार थे, जिनमें अधिकांश इजरायली नागरिक थे। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जांबाज कैप्टन स्मित मच्छार ने सूझबूझ का परिचय दिया और यात्रियों की मदद से हमलावर को काबू में करते हुए विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया। इस घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ी हुई है और हर पहलू से इस बात की जांच की जा रही है कि आखिर सह-पायलट का मकसद क्या था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी, यूएई और इजराइल के शीर्ष नेतृत्व ने भी शुरू की गहन जांच
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ पाया गया, तो अमेरिका कड़ा और बड़ा सैन्य कदम उठाएगा। दूसरी ओर, यूएई के अधिकारियों और इजरायली खुफिया एजेंसियों ने भी इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें टटोलनी शुरू कर दी हैं। हालांकि ईरान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे नेतन्याहू सरकार का राजनीतिक हथकंडा करार दिया है, लेकिन इस घटना के बाद से क्षेत्र में जंग के बादल और अधिक गहरे हो गए हैं तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय बेहद सतर्कता से स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

