नागोया (जापान), एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खेल प्रेमियों के लिए एक बेहद खुशी और गर्व का मौका आया है। ओलंपिक मेडलिस्ट और स्टार भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने आज अपने जन्मदिन के खास अवसर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 75 किलोग्राम भार वर्ग की बॉक्सिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में लवलीना ने चीन की मजबूत बॉक्सर बाओ जियी को सर्वसम्मति से 5-0 के एकतरफा फैसले से मात दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही उन्होंने पिछले एशियन गेम्स के सिल्वर मेडल को गोल्ड में तब्दील कर दिया है और महान बॉक्सर एमसी मैरीकॉम के बाद एशियाई खेलों में बॉक्सिंग का स्वर्ण जीतने वाली वह केवल दूसरी भारतीय महिला बन गई हैं।
जन्मदिन पर स्वर्णिम सफलता का अनूठा उपहार, 12 साल के लंबे इंतजार के बाद महिला बॉक्सिंग में आया दूसरा गोल्ड
आज 2 अक्टूबर को अपना जन्मदिन मना रहीं लवलीना के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। भारत की ओर से इससे पहले 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में दिग्गज एमसी मैरीकॉम ने 51 किग्रा वर्ग में देश के लिए महिला बॉक्सिंग का पहला स्वर्ण पदक जीता था, और अब पूरे 12 साल बाद लवलीना ने इस गौरवशाली सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही भारतीय मुक्केबाजों ने इस बार के खेलों में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है, जहां लवलीना के अलावा प्रिया घांघस, कपिल पोखरिया और नरेंद्र बेरवाल ने कांस्य पदक अपने नाम किए हैं, जबकि अन्य भारतीय मुक्केबाज भी स्वर्ण के लिए रिंग में उतरने वाले हैं।
पदक तालिका में भारत की स्थिति हुई और मजबूत, कुल पदकों की संख्या बढ़कर पहुंची रिकॉर्ड स्तर पर
लवलीना बोरगोहेन के इस जादुई और स्वर्णिम प्रदर्शन के बाद एशियन गेम्स 2026 की पदक तालिका (Medal Tally) में भारत की स्थिति और अधिक मजबूत हो गई है और भारतीय दल शीर्ष देशों के क्रम में छठे पायदान पर काबिज हो गया है। भारत के खाते में अब तक 12 स्वर्ण, 24 रजत और 34 कांस्य पदक सहित कुल पदकों का आंकड़ा काफी ऊपर पहुंच चुका है। लवलीना की इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे देश से बधाइयों का तांता लगा हुआ है और आगामी मुकाबलों में अन्य खिलाड़ियों से भी ऐसे ही बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

